10,000 रुपये से अधिक के भुगतान में लगेगा एक घंटा
आरबीआई का प्रस्ताव
📰 10,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर लगेगा 1 घंटे का इंतजार, RBI का नया प्रस्ताव
नई दिल्ली: डिजिटल भुगतान में बढ़ती धोखाधड़ी की घटनाओं को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। प्रस्तावित नए नियमों के तहत अब 10,000 रुपये से अधिक के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर एक घंटे का कूलिंग पीरियड लागू किया जा सकता है।
🔒 धोखाधड़ी रोकने के लिए सख्ती
RBI का उद्देश्य ग्राहकों को अतिरिक्त सुरक्षा देना है। नए नियम के अनुसार, 10,000 रुपये से अधिक के अकाउंट-टू-अकाउंट ट्रांसफर को तुरंत पूरा करने के बजाय कुछ समय के लिए रोका जा सकता है, ताकि ग्राहक उस लेनदेन की समीक्षा कर सके और जरूरत पड़ने पर उसे रद्द भी कर सके।
⏳ किन ट्रांजेक्शन पर नहीं होगा असर
- रोजमर्रा के भुगतान जैसे मर्चेंट पेमेंट
- ऑटो-डेबिट (ई-मैंडेट)
- चेक से भुगतान
इन लेनदेन पर इस नियम का प्रभाव नहीं पड़ेगा। साथ ही, ग्राहक व्हाइटलिस्ट फीचर के जरिए भरोसेमंद खातों को जोड़कर इन ट्रांजेक्शन में देरी से बच सकते हैं।
👴 बुजुर्गों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा
RBI ने 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय सुझाए हैं। 50,000 रुपये से अधिक के डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए भरोसेमंद स्रोत की पहचान अनिवार्य की जा सकती है।
💳 शैडो क्रेडिट का प्रावधान
छोटे खातों में सालाना 25 लाख रुपये तक की जमा सीमा तय की जा सकती है। इससे अधिक राशि को “शैडो क्रेडिट” के रूप में रखा जाएगा, यानी पैसा खाते में दिखेगा लेकिन जांच पूरी होने तक उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
यदि 30 दिनों के भीतर संतोषजनक जानकारी नहीं दी जाती, तो यह राशि वापस भेजी जा सकती है।
🔘 ‘किल स्विच’ सुविधा
RBI ने एक नई किल स्विच सुविधा का भी प्रस्ताव दिया है, जिसके जरिए ग्राहक एक ही विकल्प से अपने सभी डिजिटल भुगतान माध्यमों को तुरंत बंद कर सकेगा। यह फीचर धोखाधड़ी के समय तुरंत सुरक्षा प्रदान करेगा।
📌 क्या होगा फायदा?
- धोखाधड़ी के मामलों में कमी
- ग्राहकों को लेनदेन पर नियंत्रण
- डिजिटल पेमेंट में भरोसा बढ़ेगा
RBI का यह प्रस्ताव डिजिटल भुगतान को और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हालांकि इससे कुछ ट्रांजेक्शन में देरी हो सकती है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह बदलाव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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