प्रदेश में 1051 ऐसे एडेड प्राइमरी स्कूल चिन्हित किए गए हैं जिम 100 से भी कम बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। छात्रों की संख्या काफी कम होने से चिंतित सरकार ने ऐसे विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से नोटिस जारी कर इनसे स्पष्टीकरण लिया जा रहा है। स्पष्टीकरण में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए क्या उपाय किए यह भी बताना होगा। आगे छात्र संख्या बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इसके बारे में पूछा गया है। अगर विद्यार्थी न बढ़े तो आगे अनुदान रोका जा सकता है। बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल की ओर से पत्र जारी कर 1,051 स्कूलों में घटी छात्र संख्या पर चिंता जताई गई है। कम छात्र संख्या वाले सबसे ज्यादा 56 स्कूल मऊ में हैं। वहीं प्रयागराज में 45, आजमगढ़ में 43, कानपुर में 38, गाजीपुर व देवरिया में 35-35, औरैया और अंबेडकर नगर में 33-33, आगरा में 30, बलिया में 29, वाराणसी व बस्ती में 25-25, जौनपुर में 24 और मुजफ्फरनगर और लखनऊ में 23-23 विद्यालयों में 100 से कम विद्यार्थी हैं। फिलहाल जिन स्कूलों में विद्यार्थी कम हैं, उनकी अब निगरानी की जाएगी।
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