प्रयागराज। राजकीय विद्यालयों में तैनात 1031 शिक्षकों की 14 वर्ष से पदोन्नति नहीं हुई है। पदोन्नति के लिए शिक्षक कई बार आंदोलन कर चुके हैं। शिक्षकों का विरोध तेज होने आख्या मंगवाई जाती है। दो बार ऐसा हो चुका है, लेकिन पदोन्नति नहीं की जा रही है। शिक्षकों का आरोप है कि अफसरों की लापरवाही से पदोन्नति की प्रक्रिया लंबित है।
राजकीय विद्यालय में सहायक अध्यापक पद पर चयनित शिक्षक को पांच वर्ष की सेवा पर पदोन्नति का लाभ मिलता है। पदोन्नत होने वह प्रवक्ता बनते हैं। अगली पदोन्नति अधीनस्थ राजपत्रित के लिए होती है। 12 वर्ष की सेवा पर 55 प्रतिशत सहायक अध्यापक अधीनस्थ राजपत्रित बनते हैं। वहीं, प्रवक्ता को तीन वर्ष की सेवा पर यह लाभ मिलता है।
राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर पांडेय ने बताया कि कई बार आंदोलन किया तो आठ विषयों के शिक्षकों को 2022 में पदोन्नत किया था। ब्यूरो
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