बहराइच। शिक्षक देश के भविष्य का निर्माता होता है। शिक्षक ही विद्यार्थियों को सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करते हैं और उनके जीवन के उद्देश्यों को प्राप्त करने में सहायता भी करते हैं। एक ऐसे ही पूर्व शिक्षक इंद्राज सिंह हैं जो शिक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर छात्रों के जीवन में ज्ञान का उजियारा फैला रहे हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे प्रतिदिन चार किमी साइकिल से स्कूल पहुंचकर 21 वर्षों से बच्चों को मुफ्त शिक्षा दे रहे हैं।
कैसरगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिदरखा निवासी 81 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक इंद्राज सिंह 21 वर्षों से उच्च प्राथमिक विद्यालय कुंडासर में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1967 में उन्हें बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी मिली थी। इसके बाद वर्ष 2003 में सेवानिवृत्त हो गए। पहली जुलाई 2003 से उच्च प्राथमिक विद्यालय कुंडासर में बिना किसी वेतन या पारितोषिक के बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि विज्ञान विषय में विशेष रुचि के कारण बच्चों को विज्ञान ही पढ़ा रहे हैं। कहा कि मैंने अपना पूरा जीवन शिक्षा के प्रति समर्पित कर दिया है। हृदय में प्रबल इच्छा है कि अपने अंतिम पड़ाव तक शिक्षण कार्य करता रहूं। शिक्षण कार्य में अपनी जानकारी को बच्चों तक समर्पित कर दूं। उम्र के इस पड़ाव पर शारीरिक क्षमता तो मुख्य बिंदु है लेकिन अपने जीवन को धन्य समझूंगा कि अपना ज्ञान बच्चों तक समर्पित कर दिया।
समय से पहुंचते हैं विद्यालय
उच्च प्राथमिक विद्यालय कुंडासर में प्रधानाध्यापक व एक सहायक अध्यापक सहित दो शिक्षक ही मौजूद हैं। तीसरे इंद्राज सिंह नियमित स्कूल पहुंचकर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। वे प्रतिदिन समय से विद्यालय पहुंचते हैं, छुट्टी होने के बाद ही निकलते हैं। ज्यादातर वे साइकिल से ही जाते हैं लेकिन किसी कारणवश यदि साइकिल से नहीं गए तो परिवार के लोग उन्हें बाइक से स्कूल लाते व ले जाते हैं।
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