यूपी के सभी स्कूलों में वंदे मातरम् गाना जरूरी, CM योगी ने किया ऐलान – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

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 उत्तर प्रदेश के सभी स्कूलों और शिक्षण संस्थाओं में वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य होगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर से इसका ऐलान किया। गोरखपुर में एकता यात्रा के आरंभ से पहले एक सभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि वंदे मातरम् राष्ट्रीय गीत के प्रति सम्मान का भाव होना चाहिए। हम लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के सम्मान के साथ ही राष्ट्र गीत वंदे मातरम् का गायन भी उत्तर प्रदेश के हर विद्यालय, हर शिक्षण संस्थान में अनिवार्य करेंगे जिससे उत्तर प्रदेश के अंदर हर नागरिक के मन में अपनी भारतमाता के प्रति अपनी मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव जागृत हो सके।

एकता यात्रा की शुरुआत के मौके पर सीएम योगी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने देश के विभाजन के लिए कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति को जिम्मेदार ठहरा दिया। सीएम योगी ने कहा कि गुरुदेव रविन्द्रनाथ टैगोर द्वारा रचित वंदे मातरम् स्वतंत्रता संग्राम के दौरान आजादी का उद्घोष बन गया था। 1896 से 1922 तक कांग्रेस के सभी अधिवेशनों में इसे गाया जाता था लेकिन 1923 में मोहम्मद अली जौहर कांग्रेस के अध्यक्ष बने तो उन्होंने इसका विरोध कर दिया। वंदे मातरम् गाने से इनकार कर दिया। यदि उसी समय कांग्रेस ने मोहम्मद अली जौहर को हटा दिया होता, वंदे मातरम् का अपमान नहीं सहा होता तो देश का विभाजन नहीं होता।

सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस ने वंदे मातरम् का विरोध करने वाले मोहम्मद अली जौहर को हटाने की बजाए वंदे मातरम् में संशोधन की बात की। उसकी ऐसी ही तुष्टिकरण की नीतियों के चलते 1947 में देश का विभाजन हुआ। सीएम ने कहा कि अब जब सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150 वीं जयंती पर आयोजन हो रहे हैं तो एक बार फिर वंदे मातरम् का विरोध हो रहा है। उन्होंने कहा कि सपा के एक सांसद ने इसका विरोध किया है। सीएम ने कहा कि यदि हम अपने महापुरुषों का सम्मान नहीं करेंगे तो देश कहां जाएगा। देश में राष्ट्रीय एकता और अखंडता को चुनौती देने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

वंदे मातरम् पर क्या है ताजा विवाद

भारत का राष्ट्रगीत वंदे मातरम् इस समय पक्ष और विपक्ष की राजनीति का केंद्र बना हुआ है। महाराष्ट्र की भारत की अगुवाई वाली एनडीए सरकार जहां स्कूलों में पूरा वंदे मातरम् अनिवार्य करा रही है और इसके साथ ही देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू पर इसमें कांट-छांट करवाने का आरोप लगा रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इस गीत पर अपना अधिकार बताते हुए कह रही है कि आजादी की लड़ाई में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ही इस गीत को अपना हथियार बनाया था। समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने धार्मिक कारणों का हवाला देते हुए वंदे मातरम् गाने से इनकार कर दिया है। यूपी में मुरादाबाद से सपा के पूर्व सांसद डॉ.एसटी हसन ने भी कहा है कि मुसलमान अल्लाह के सिवा किसी और की इबादत नहीं कर सकता, इसलिए वह वंदे मातरम् नहीं गाएंगे। पूर्व सांसद ने यह भी कहा था कि हम देशभक्त हैं और मातृभूमि के लिए अपनी जान भी दे सकते हैं, लेकिन पूजा नहीं कर सकते। मुसलमान सिर्फ अल्लाह की इबादत करता है, जमीन या किसी अन्य वस्तु की नहीं। वंदे मातरम् में धरती की पूजा का भाव है, जबकि इस्लाम में इबादत सिर्फ अल्लाह के लिए होती है, इसलिए मुसलमान वंदे मातरम् नहीं गा सकते। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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