शिक्षामित्रों के नियमितीकरण मामले में दो माह में लें फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षामित्रों के नियमितीकरण व सहायक अध्यापक के समान वेतन वाली याचिका पर निर्देश जारी किया है। कहा है कि याची अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा (उत्तर प्रदेश) के समक्ष तीन सप्ताह में नया प्रत्यावेदन दें और इस पर दो महीने के भीतर कानून के अनुसार फैसला लिया जाए।
यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने वाराणसी में कार्यरत तेज बहादुर मौर्य और 114 अन्य शिक्षामित्रों की याचिका पर दिया है। मांग है कि बोर्ड ऑफ बेसिक एजुकेशन की ओर से संचालित स्कूलों में स्थायी पद सृजित कर उन्हें नियमित किया
जाए। समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत पर सहायक अध्यापकों के बराबर मानदेय भी दिया जाए।
प्रतिवादी पक्षों के अधिवक्ताओं ने दलील दी कि इसी तरह के एक विवाद में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जनवरी 2026 में विशेष अपील खारिज कर दी थी। यह एक नीतिगत निर्णय का मामला है, जिसमें न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर सकता
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