नवंबर-दिसंबर में होगा निपुण आकलन, कक्षा-5 तक के बच्चों की जांची जाएगी शैक्षिक दक्षता
मुजफ्फरनगर। जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले प्री-प्राइमरी से कक्षा पांच तक के बच्चों की शैक्षिक दक्षता जांचने के लिए इस बार निपुण आकलन कराया जाएगा। मूल्यांकन के दौरान बच्चों की भाषा, गणित, विज्ञान और पर्यावरण अध्ययन सहित विभिन्न विषयों में समझ और सीखने के स्तर को परखा जाएगा।
नवंबर-दिसंबर में प्रस्तावित निपुण आकलन को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कांवड़ यात्रा की छुट्टियों के बाद एआरपी (Academic Resource Person) विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों के ज्ञान और सीखने के स्तर का आकलन करेंगे। इसके बाद नवंबर-दिसंबर में डीएलएड प्रशिक्षु निपुण एप के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बच्चों की दक्षता जांचेंगे।
इस बार कक्षा-5 के बच्चे भी होंगे शामिल
हर वर्ष होने वाले निपुण आकलन में इस बार कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों को भी निपुण आकलन में शामिल किया गया है। इससे प्राथमिक स्तर पर बच्चों की शैक्षिक प्रगति का व्यापक मूल्यांकन किया जा सकेगा।
मूल्यांकन पूरा होने के बाद प्रत्येक बच्चे के प्रदर्शन का परिणाम अभिभावकों को भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे अभिभावक यह जान सकेंगे कि उनका बच्चा किन विषयों में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और किन विषयों में उसे अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता है।
ऑनलाइन देखा जा सकेगा बच्चे का परिणाम
निपुण आकलन का परिणाम ऑनलाइन भी देखा जा सकेगा। इससे अभिभावकों को अपने बच्चे की शैक्षिक स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिलेगी। परिणाम के आधार पर कमजोर विषयों में बच्चों के लिए अतिरिक्त सहयोग और सुधार की रणनीति तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
डीएलएड प्रशिक्षु करेंगे बच्चों का मूल्यांकन
बच्चों की दक्षता का आकलन करने के लिए डीएलएड प्रशिक्षणार्थियों की सहायता ली जाएगी। प्रशिक्षणार्थी विद्यालयों में पहुंचकर निर्धारित प्रक्रिया और निपुण एप के माध्यम से बच्चों का मूल्यांकन करेंगे।
विभाग का मानना है कि बाहरी मूल्यांकनकर्ताओं की मदद से बच्चों के वास्तविक सीखने के स्तर की बेहतर तस्वीर सामने आएगी। इससे यह पता लगाने में भी मदद मिलेगी कि बच्चे निर्धारित शैक्षिक लक्ष्यों के अनुरूप दक्षता हासिल कर पा रहे हैं या नहीं।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को मिलेगा सम्मान
निपुण आकलन के परिणाम के आधार पर विद्यालयों के प्रदर्शन की भी समीक्षा की जाएगी। बेहतर परिणाम देने वाले विद्यालयों और शिक्षकों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित किए जाने की व्यवस्था की जाएगी।
इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना है।
संदीप कुमार, बीएसए ने बताया कि निपुण आकलन के माध्यम से बच्चों की वास्तविक शैक्षिक स्थिति का पता लगाकर आवश्यक सुधारात्मक प्रयास किए जाएंगे।
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