आधार बिना एडमिशन नहीं, बनवाने के लिए तीन माह की वेटिंग
बहराइच। आधार के बिना एडमिशन नहीं हो रहा है। इसलिए आधार केंद्रों पर अचानक छोटे बच्चों की भीड़ बढ़ गई है, लेकिन वहां उन्हें तीन माह की वेटिंग का टोकन धमाया जा रहा है। यही नहीं बच्चों के अभिभावकों से संशोधन के नाम पर अवैध वसूली भी की जा रही है।
नानपारा के दो बैंकों के अंदर संचालित आधार केंद्र पर संशोधन के लिए 300 रुपये वसूलने का आरोप लगा है। यदि जिले में इसी गति से आधार बनेंगे तो पूरे वर्ष बच्चों का एडमिशन आधार के कारण नहीं हो पाएगा।
स्कूलों में एडमिशन के समय यू डायस पर डाटा अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसलिए परिषदीय विद्यालयों के साथ ही निजी विद्यालयों में एडमिशन के समय ही
आधार की अनिवार्यता कर दी गई है। जहां कहीं भी बिना आधार के एडमिशन हुए हैं, वहां अभिभावकों से 15 दिन के अंदर आधार जमा करने का शपथ पत्र लिया गया है। इसलिए अभिभावक अपने बच्चों के साथ आधार केंद्र पहुंच रहे हैं, लेकिन अचानक आधार की मांग बढ़ने से केंद्रों पर लंबी कतारें लग रही हैं।
आम लोगों की समस्या जानने के लिए शुक्रवार को शहर के साथ नानपारा नगर के आधार केंद्र पर पड़ताल की गई। शहर के बीएसएनएल कार्यालय परिसर में संचालित आधार केंद्र पर चार से पांच दिनों की वेटिंग चली रही है। यहां आधार
बनवाने के लिए आए मुकेश ने बताया कि वह अपने पुत्र मानस (5) का आधार बनवाने के लिए चिलवरिया से आए हैं। पूरे दिन इंतजार करने के बाद चार दिन बाद आने को कहा जा रहा है।
ऐसे ही मोहम्मद फरहान (12) निवासी मानपुरवाप, रचित (6) निवासी लडैकुना के अभिभावकों का कहना है कि चार-पांच दिन से आ रहे हैं, लेकिन नंबर नहीं लग रहा। इस केंद्र के संचालक योगेश बता रहे हैं कि केंद्र की क्षमता 50 आधार प्रतिदिन बनाने की है, जबकि यहां प्रतिदिन 300 से अधिक लोग आधार बनवाने के लिए आ रहे हैं। वहीं, डाकघर में आधार बनवाने के लिए वडियनपुरवा से अमान आए थे। उन्हें जनवरी में 11 अप्रैल की तिथि आधार में संशोधन के लिए मिली थी। राकेश कुमार अपनी बेटी चांदनी व बंटी को लेकर आए थे। उन्होंने भी जनवरी में ही टोकेन लिया था।
बैंक में आधार सेंटर पर मनमानी
■ यूनियन बैंक में संचालित आधार सेवा केंद्र पर संशोधन व अपग्रेड करने के लिए और बच्चों का आधार कार्ड बनाने के नाम पर अवैध वसूली किए जाने का आरोप लग रहा है। खन्ना पुरवा निवासी मोहम्मद इस्लाम कादरी ने बताया कि उन्होंने अपने दोनों बच्चों की बायोमीट्रिक के लिए 200 रुपये के हिसाब से चार सौ रुपये दिए हैं। आर्यावर्त बैंक में ग्राम मोहम्मद बाग की सरीना ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी गुड्डी और शाहिद के आधार कार्ड में संशोधन कराने के लिए तीन सौ रुपये दिए और दो माह चक्कर भी लगाया। दूरसंचार विभाग की देखरेख में आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। वहां मौजूद मौजी पुरवा निवासी अबरार से बताया कि तीन बच्चों का नौ सौ रुपये में आधार संशोधन कराया। डाकघर में आधार कार्ड बनवाने आए लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
संशोधन की यह दर नया आधार, 5 से 7 वर्ष के बच्चों का बायोमेट्रिक व संशोधन निशुल्क है। इसके अतिरिक्त 30 से 100 रुपये तक का ही शुल्क लिया जाता है।
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