जीआईसी प्रवक्ता भर्ती के आवेदन में संशोधन को मांगा अतिरिक्त समय – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

primarymaster.in


जीआईसी प्रवक्ता भर्ती के अभ्यर्थियों ने आवेदन पत्र में संशोधन के लिए अतिरिक्त अवसर दिए जाने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में सोमवार को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान जानकारी के अभाव और तकनीकी त्रुटियों के कारण बड़ी संख्या में उम्मीदवारों से आवेदन पत्र भरते समय गलतियां हो गई हैं, जिससे उनके आवेदन निरस्त होने की आशंका बढ़ गई है।

ज्ञापन में अभ्यर्थियों ने बताया कि कई उम्मीदवारों से स्पोर्ट्स कोटा, श्रेणी प्रमाणपत्र और अन्य सामान्य विवरण भरने में त्रुटियां हुई हैं। यदि संशोधन का अतिरिक्त अवसर नहीं दिया गया तो अनेक योग्य अभ्यर्थी केवल तकनीकी कारणों से मुख्य परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह जाएंगे। कहा कि पूर्व में एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के दौरान भी इसी प्रकार की स्थिति सामने आई थी। उस समय भी कई उम्मीदवार मामूली तकनीकी गलतियों के कारण परीक्षा प्रक्रिया से बाहर हो गए थे। ज्ञापन देने के दौरान दिनेश यादव, सुनील कुमार, संतोष पांडेय और संजय यादव आदि उपस्थित रहे।

परीक्षा तिथियों में टकराव पर दिया ज्ञापन :

परीक्षा तिथियों के टकराव और खेल प्रमाणपत्र संबंधी विसंगतियों को लेकर अभ्यर्थियों ने लोक सेवा आयोग में ज्ञापन दिया। बताया है कि 31 मई को प्रस्तावित उत्तर प्रदेश बीएड प्रवेश परीक्षा और राजकीय डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा एक ही दिन आयोजित होने से हजारों छात्रों को कठिनाई होगी। इसके अलावा 13 जून को एलटी ग्रेड मुख्य परीक्षा तथा 14 जून को जीआईसी प्रवक्ता प्रारंभिक परीक्षा निर्धारित होने से परीक्षार्थियों के सामने आवागमन और तैयारी की समस्या खड़ी हो गई है। अभ्यर्थियों ने आयोग से परीक्षाओं के बीच दो से पांच दिन का अंतराल रखने की मांग की है।

हुंकार मंच के संयोजक पंकज पांडेय ने कहा कि प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने के बाद मुख्य परीक्षा में खेल के राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्र न होने के आधार पर आवेदन निरस्त करना अनुचित है।

Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA

Leave a Comment