प्रतापगढ़। स्कूलों से मुंह मोड़ने वाले (आउट ऑफ स्कूल) छह से 14 साल आयु वर्ग के बच्चों को पढ़ाने में सेवानिवृत्त शिक्षक सहयोग करेंगे।
उन्हें विशेष प्रशिक्षक के रूप में तैनात किया जाएगा। स्कूल नहीं जाने वाले पांच से अधिक बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी सेवानिवृत्त शिक्षकों पर होगी। इसके लिए उन्हें मानदेय भी दिया जाएगा। जहां पर सेवानिवृत्त शिक्षक नहीं मिलेंगे, वहां पर वॉलेंटियर बच्चों को पढ़ाएंगे।
बीएसए भूपेंद्र सिंह ने बताया कि जल्द ही विशेष प्रशिक्षकों की नियुक्ति प्रकिया शुरू की जाएगी। एक से पांच बच्चों के आउट ऑफ स्कूल होने पर विद्यालय के नोडल अध्यापक को विशेष
प्रशिक्षण दिया जाएगा। पांच से अधिक बच्चे होने पर विशेष प्रशिक्षक के रूप में सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं ली जाएंगी।
विशेष प्रशिक्षण केंद्र में नामांकित आउट ऑफ स्कूल बच्चों को अन्य विद्यार्थियों की तरह सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
सेवानिवृत्त शिक्षकों के रुचि नहीं लेने पर वॉलेंटियर का चयन होगा। विद्यालय प्रबंध समिति की चार सदस्यीय उप समिति चयन करेगी। वॉलेंटियर के लिए स्नातक के साथ ही डीएलएड, बीटीसी, बीएड उत्तीर्ण अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी।
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