बांदा। कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए नोडल अधिकारी बनाए गए जीआईसी ओरन के प्रधानाचार्य अजय प्रकाश ने शुक्रवार को कस्बे में चल रहे कोचिंग सेंटरों की जांच की। उन्हें दो कोचिंग सेंटर ऐसे मिले, जिनमें सरकारी शिक्षक बिना पंजीयन पढ़ा रहे थे। भनक लगते ही शिक्षक ताला बंद कर भाग गए। कई सेंटरों में मानक नहीं मिले। उन्हें चेतावनी दी गई।
शासन के निर्देश पर अवैध व बेसमेंट में संचालित कोचिंग सेंटरों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक विजय पाल सिंह ने इसके लिए चार नोडल अधिकारी नामित किए हैं। जीआईसी ओरन के प्रधानाचार्य अजय प्रकाश ने शुक्रवार को ओरन कस्बा में कोचिंग सेंटरों की जांच की। एक कोचिंग सेंटर बिना पंजीयन के संचालित हो रहा था, जिसमें करीब 50 बच्चे पढ़ रहे थे।
नोडल अधिकारी ने संचालक को एफआईआर दर्ज करवाने की चेतावनी दी है। जांच में दो कोचिंग सेंटरों का पंजीयन तो था, पर मानक पूरे नहीं थे। इन्हें जल्द ठीक कराने को कहा। दो कोचिंग सेंटर संचालक सरकारी शिक्षक मिले, जो बिना रजिस्ट्रेशन के सेंटर चला रहे हैं। संचालकों को निरीक्षण की भनक पहले लग गई, तब तक ताला बंद कर वह भाग निकले।
नोडल अधिकारी ने बताया कि बबेरू, बिसंडा, कमासिन ब्लॉक में संचालित अवैध कोचिंग सेंटरों की जांच की जा रही है। जो कोचिंग बेसमेंट में संचालित होगी,कक्षा एक से 10 तक की कक्षाएं संचालित होंगी, कोचिंग सेंटरों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, उन पर सख्त कार्रवाई होगी। जांच में जो भी कोचिंग सेंटर में कमियां मिली हैं, उनकी रिपोर्ट डीआईओएस को भेजी जा रही है। उनके साथ जीआईसी वीरा के प्रधानाचार्य लोकेश मिश्रा व पुलिस फोर्स मौजूद रही।
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