लखनऊ। राजधानी में पांचवीं तक के बच्चों को स्कूल परिसर में छोड़ने व वहां से ही लेने के मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने डीसीपी यातायात को तलब किया है। वे एक अक्तूबर को इस संबंध में रिपोर्ट देंगे।
इससे पहले पांच सितंबर को संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था अमित कुमार वर्मा ने कोर्ट में पेश होकर जवाबी हलफनामा दाखिल किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि कोर्ट के आदेश के पालन में शहर के कुछ स्कूलों ने पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को वैन से स्कूल परिसर में लाने और ले जाने की व्यवस्था कर ली है। कुछ स्कूल अभी ऐसा नहीं कर हे हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि निर्देशों का पालन न करने वाले स्कूलों की जानकारी दें, जिससे अदालत इन पर आदेश दे सके।
कोर्ट से यह भी निर्देश दिया गया कि यातायात को लेकर पहले जारी निर्देशों का पालन जारी रखा जाए और इन्हें लखनऊ के बाकी स्कूलों में भी पालन कराया जाए। कोर्ट ने अगली सुनवाई पर प्रगति रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। उधर, पुलिस हजरतगंज इलाके के ही स्कूलों में निर्देशों का पालन नहीं करवा पा रही है। ऐसे में जारी निर्देशों का अनुपालन पूरे शहर के स्कूलों से करवाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
स्कूलों के बाहर ही उतारे जा रहे बच्चे
पांचवीं तक के बच्चों को स्कूलों के बाहर ही उतारा जा रहा है। अमर उजाला ने सोमवार को इसकी पड़ताल की तो पाया कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर जारी गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा था। सेंट फ्रांसिस स्कूल के बाहर सड़क पर ही बच्चे उतारे जा रहे थे। दोपहर में स्कूलों की छुट्टी के बाद भी बच्चों को सड़क पर ही गाड़ी में बिठाया जा रहा था। अभिभावक बच्चों को गेट से लेकर पैदल ही अपने वाहन तक जाते दिखाई दिए। वहीं, स्कूली वैन से जाने वाले बच्चे परिसर से निकलकर गाड़ी तक खुद चलकर जा रहे थे।
डीसीपी ट्रैफिक प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि स्कूलों की ओर से लिखित में सभी नियमों का पालन करने की बात कही गई है। स्कूलों के बाहर यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे।
इधर, एडेड कॉलेजों को फिर जारी किया गया नोटिस
जर्जर कक्षाओं में घटना के लिए कॉलेज प्रबंधक होंगे जिम्मेदार
एडेड माध्यमिक इंटर कॉलेजों की जर्जर कक्षाओं में पढ़ाई हुई तो किसी भी घटना के लिए कॉलेज प्रबंधक जिम्मेदार होंगे। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से कॉलेजों को रिमाइंडर नोटिस जारी किया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि इस संबंध में पहला नोटिस पिछले साल भेजा गया था। ट्रांसपोर्टनगर में इमारत ढहने की घटना के बाद एक बार फिर सभी कॉलेजों को डीआईओएस ने रिमाइंडर नोटिस जारी किया है। उधर, 70 परिषदीय स्कूलों में से 38 की कक्षाएं पूरी तरह जर्जर हैं।
चौंकाते हैं ये आंकड़े
– 36 एडेड कॉलेजों में हैं जर्जर कक्षाएं
– 70 परिषदीय विद्यालय के भवन भी जर्जर
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