गोंडा। मदरसों के संचालन में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह की शिकायत पर हुई जांच में मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत 357 मदरसों में से 299 का मूल डिस्पैच रजिस्टर से मिलान नहीं हुआ। 126 मदरसे मौके पर नहीं मिले। 800 शिक्षकों की तैनाती दिखाकर करोड़ों रुपये मानदेय के रूप में निकाल लिए गए।
रविवार को भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीओ) ने तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह व लिपिक शमीम अहमद पर केस दर्ज कराया है। अमरजीत अभी लखनऊ के समाज कल्याण विभाग में
उपनिदेशक हैं। एसीओ के निरीक्षक धनंजय कुमार सिंह की जांच में पता चला कि अमरजीत सिंह 2013 से 2015 तक जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रहे। उनके कार्यकाल में कनिष्ठ लिपिक शमीम ने नियमों के वपिरीत मदरसों को मान्यता दिलाने व पंजीकरण कराए थे।
शमीम से हमारा कोई मतलब नहीं है। न ही कोई हमारा रोल है। जांच टीम ने जब भी मुझसे जानकारी मांगी, उसे दिया गया। मुकदमा दर्ज होने की जानकारी नहीं है। – अमरजीत सिंह, उपनिदेशक, समाज कल्याण विभाग
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