लखनऊ, नीट यूजी की पहले चरण की काउंसलिंग के बाद प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। निजी क्षेत्र के अल्पसंख्यक कॉलेजों में प्रवेश के लिए सीट आवंटन पाने वाले कुछ अभ्यर्थियों ने अल्पसंख्यक श्रेणी का प्रमाणपत्र ही फर्जी लगा दिया। इसी फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर उन्होंने नोडल सेंटर पर प्रवेश प्राप्त कर लिया।
सभी मामले मेरठ के निजी मेडिकल कॉलेज के हैं। मामला खुल गया। अभी तक ऐसे 20 केस सामने आए हैं। इनमें से छह बाहरी और 14 यूपी के निवासी हैं। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण किंजल सिंह ने इस मामले में संबंधित जिलाधिकारियों से प्रमाणपत्रों की जांच कराई तो वे फर्जी निकले। सात ने खुद ही सीट छोड़ दी और बाकी के प्रवेश महानिदेशक द्वारा निरस्त कर दिए गए हैं।नीट यूजी-2024 की पहले चरण की काउंसलिंग खत्म हो चुकी है। अधिकांश अभ्यर्थी आवंटित कॉलेजों में प्रवेश भी ले चुके हैं। इसी बीच दूसरे चरण की काउंसलिंग के लिए आवेदन करने वाले नौ बच्चों ने खुद को बौद्ध धर्म का बताया। इस पर शक पैदा हुआ तो महानिदेशक ने जाति प्रमाणपत्रों की जांच कराई। वही,ं कुछ निजी अल्पसंख्यक मेडिकल कॉलेजों में फर्जी प्रमाणपत्रों से प्रवेश लेने की शिकायतें भी आईं।
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