समायोजन और सरप्लस प्रधानाध्यापक मामले में हाईकोर्ट से राहत, अंतरिम आदेश जारी
लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में चल रही समायोजन एवं सरप्लस शिक्षकों की प्रक्रिया के बीच प्रधानाध्यापकों के मामले में महत्वपूर्ण न्यायिक अपडेट सामने आया है। 13 अगस्त 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में WRIT-A 7860/2026 पर सुनवाई हुई।
मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से प्रधानाध्यापकों को समायोजन प्रक्रिया में PTR (Pupil Teacher Ratio) के आधार पर सरप्लस मानने से राहत दिए जाने की मांग की गई। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने इस याचिका को WRIT-A 274/2026 से कनेक्ट करते हुए अंतरिम राहत प्रदान की।
अगली सुनवाई तक कार्रवाई पर रोक
WRIT-A 274/2026 में पारित अंतरिम आदेश में न्यायालय ने कहा है कि अगली तारीख तक संबंधित प्रतिवादी प्राधिकारी आगे की कोई कार्यवाही नहीं करेंगे।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अंतरिम संरक्षण सभी connected writ petitions के petitioners को भी उपलब्ध रहेगा।
समायोजन प्रक्रिया पर क्या असर?
इस आदेश से जुड़े याचिकाकर्ता प्रधानाध्याप
कों को फिलहाल राहत मिली है। मामले की अगली सुनवाई तक संबंधित याचिकाओं से जुड़े प्रधानाध्यापकों के संबंध में आगे की कार्रवाई पर न्यायालय के अंतरिम आदेश का प्रभाव रहेगा।
हालांकि, अंतिम निर्णय अगली सुनवाई और मामले में न्यायालय के आगे के आदेश पर निर्भर करेगा। प्रधानाध्यापकों के समायोजन और PTR के आधार पर सरप्लस निर्धारण को लेकर यह मामला अब महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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