कानपुर। करीब 25 राज्यों में फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने का रैकेट चलाने वाले 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को पुलिस ने नेपाल से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सरगना अब्दुल्लेश शुक्ला के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी लंबे समय से फर्जी शैक्षिक दस्तावेज तैयार कर उन्हें अलग-अलग राज्यों में सप्लाई करता था। उसके गिरोह के दो अन्य सदस्यों को भी कई राज्यों की फर्जी मार्कशीट और डिग्री के साथ पकड़ा जा चुका है। इसके बाद से आरोपी फरार चल रहा था और नेपाल में छिपा हुआ था।
10 साल से चल रहा था फर्जीवाड़ा
पुलिस के अनुसार आरोपी करीब 10 वर्षों से फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने का काम कर रहा था। पिछले दिनों पुलिस को सूचना मिली कि वह नेपाल में रह रहा है। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे नेपाल से गिरफ्तार कर लिया।
रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। उसे पहले भी सितंबर 2025 में लखनऊ पुलिस ने फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। अप्रैल 2026 में जेल से छूटने के बाद उसने दोबारा यही काम शुरू कर दिया।
पहले था गणित का शिक्षक
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह पहले गणित का शिक्षक था। कोरोना काल में काम बंद हो जाने के बाद उसने फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने का धंधा शुरू किया।
उसने कई बैंक खातों में बड़ी रकम जमा होने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब इन खातों और लेन-देन की जांच कर रही है।
विश्वविद्यालय से संविदा पर भी जुड़ा था
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कुछ समय तक छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में संविदा पर क्लर्क के तौर पर काम किया था। पुलिस अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और फर्जी दस्तावेजों के जरिए लाभ लेने वालों की भी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस का कहना है कि गिरोह के नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की जांच जारी है।
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