लखनऊ। अशासकीय विद्यालय प्रबंधक महासभा का शनिवार को रवींद्रालय में प्रांतीय सम्मेलन हुआ। इसमें वक्ताओं ने कहा, अशासकीय माध्यमिक (एडेड) विद्यालयों में 14 साल से फीस नहीं बढ़ाई गई है। ऐसे में कक्षाओं की मरम्मत, लैब से जुड़े सामान, बोर्ड आदि सामग्री की खरीद और छात्रों को बेहतर सुविधाएं कैसी दी जाएं? पांच साल से शिक्षकों के पद भी खाली हैं।
सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण मोहन मिश्र ने प्रदेश के 4512 अशासकीय विद्यालयों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। कहा, सरकार स्ववित्तपोषित विद्यालयों को अधिक स्वतंत्रता और एडेड विद्यालयों में अनावश्यक हस्तक्षेप कर रही है। उन्होंने कहा कि या तो फीस बढ़ाई जाए या फिर एडेड विद्यालयों को वित्तीय सहायता दी जाए। महामंत्री दिनेश चंद्र सिंह ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों नियुक्ति न होने से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने 11 महीने के अल्पकालिक शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है।
कोषाध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो हमें भी स्वतंत्र रूप से विद्यालय संचालन की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रबंधकों की समस्याओं से शासन को अवगत कराया जाएगा।
सम्मेलन को वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्यभूषण गुप्ता, उपाध्यक्ष महेशपति त्रिपाठी, डॉ. सौरभ कुमार सिंह, मंत्री विश्वेंदु प्रताप राय, उप मंत्री डॉ. उदयभान सिंह ने संबोधित किया
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