अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा की बुधवार को लखनऊ में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। उत्तर प्रदेश के एक दर्जन शिक्षक संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों ने बैठक में दिल्ली कूच की रणनीति बनाई। इसमें सभी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष को मोर्चा में राष्ट्रीय सह-संयोजक बनाया गया। साथ ही यह लक्ष्य दिया गया कि 25 से 31 अक्तूबर तक देश के सभी जिलों में शिक्षिकों की बैठक व जनसंपर्क करेंगे।
बैठक में मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक योगेश त्यागी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता थोपे जाने के खिलाफ देश भर का शिक्षक 24 नवंबर को दिल्ली में अपनी ताकत का एहसास कराएगा। एनसीटीई जल्द इसमें संशोधन नहीं करती तो आंदोलन और व्यापक होगा। दिल्ली के प्रदर्शन के माध्यम से पूरे देश के शिक्षक अपनी बात को प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का काम करेंगे।
बैठक में राष्ट्रीय सह-संयोजक विनय तिवारी, अनिल यादव व संतोष तिवारी ने कहा कि शिक्षिकों पर थोपे गए काला कानून (टीईटी) से काफी नाराजगी है। हम किसी भी स्थिति में 23 अगस्त 2010 के पूर्व से कार्यरत शिक्षक पर इसको लागू नहीं होने देंगे। बैठक में नरेश कौशिक, उमाशंकर सिंह, संजय मिश्रा, दिलीप चौहान, संदीप दत्त, प्रदीप जायसवाल, विवेकानंद आर्य, राम प्रकाश साहू,राजेंद्र सिंह राठौर आदि उपस्थित थे।
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