जनगणना में 90% शिक्षक तैनात, व्यवस्था पर उठे सवाल
बरेली/रूहेलखंड। देश में चल रही जनगणना प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर शिक्षकों की भूमिका चर्चा में है। जानकारी के अनुसार, जनगणना कार्य में लगभग 90% तक शिक्षक लगाए गए हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
इस बीच एक दिलचस्प लेकिन गंभीर पहलू भी सामने आया है—जहां 2800 ग्रेड पे वाले कर्मचारियों को सुपरवाइजर की जिम्मेदारी दी गई है, वहीं 4200 और 4800 ग्रेड पे वाले शिक्षकों को प्रगणक (Enumerator) के रूप में कार्य करना पड़ रहा है। इस व्यवस्था को लेकर शिक्षक वर्ग में असंतोष देखा जा रहा है।
शिक्षकों का कहना है कि जनगणना और चुनाव जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में उनकी भागीदारी हमेशा से अहम रही है, लेकिन बार-बार गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाए जाने से स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होती है। उनका यह भी कहना है कि यदि शिक्षक इन कार्यों में भाग न लें, तो जनगणना और चुनाव जैसी प्रक्रियाओं को सुचारु रूप से कराना कठिन हो सकता है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, ताकि शिक्षा व्यवस्था बाधित न हो और प्रशासनिक कार्य भी सुचारु रूप से चलते रहें।
फिलहाल, इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है और शिक्षक संगठनों द्वारा उचित समाधान की मांग की जा रही है।
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