इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश की एक हजार ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों को आधार से संबंधित सभी सेवाएं मिलने लगेंगी। पंचायती राज विभाग प्रदेश के सभी 57,694 ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्र का संचालन मिशन मोड में शुरू करने की दिशा में काम कर रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को पंचायती राज निदेशालय में 100 आपरेटरों को आधार सेवाओं के लिए प्रशिक्षित किया गया।
ग्राम सचिवालय (पंचायत भवनों) में आधार सेवा केंद्र संचालन की जिम्मेदारी पंचायत सहायकों को दी जा रही है। इन सहायकों को पहले से मिल रहे छह हजार रुपये मासिक मानदेय के साथ ही आधार से संबंधित प्रत्येक कार्य पर इंसेंटिव भी दिए जाने की व्यवस्था की गई
है। लखनऊ, बाराबंकी, खीरी, सीतापुर तथा बलरामपुर जिले की 77 ग्राम पंचायतों में यह सेवा पहले से संचालित है।
गुरुवार को पंचायती राज निदेशालय में उप निदेशक योगेंद्र कटियार द्वारा कार्यशाला का
उद्घाटन करने के बाद भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) के अधिकारियों ने आधार सेवाओं के बारे में आपरेटरों को प्रशिक्षित किया। प्रतिभागियों को दस्तावेजों की जांच, डेटा सुरक्षा, तकनीकी सटीकता और पारदर्शिता बनाए रखने के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई।
इस संबंध में पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा है कि ग्राम पंचायतों में इस सेवा के शुरू होने से ग्रामीणों को आधार सेवाएं आसानी से घर के पास मिलेंगी।
ग्रामीणों को आधार से संबंधित छोटे-छोटे कार्यों के लिए शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अधिकारियों से कहा गया है कि अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों को आधार सेवा से जोड़ा जाए।
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