लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण गुणवत्ता सुधारने और शिक्षकों को शैक्षणिक सहयोग प्रदान करने के लिए नियुक्त किए जाने वाले एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) के चयन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब एआरपी का चयन जिला स्तर के बजाय ब्लॉक स्तर पर किया जाएगा, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार शिक्षकों को बेहतर शैक्षणिक सहायता मिल सके।
प्रत्येक विकास खंड में होंगे छह एआरपी
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक विकास खंड में छह एआरपी नियुक्त किए जाएंगे। इनके साथ एक डायट मेंटर भी शामिल होगा। इनकी जिम्मेदारी विद्यालयों में शिक्षण कार्य की निगरानी, शिक्षकों को अकादमिक मार्गदर्शन और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करना होगी।
लिखित परीक्षा और साक्षात्कार से होगा चयन
एआरपी पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। चयन प्रक्रिया में—
- 70 अंकों की लिखित परीक्षा
- 30 अंकों का साक्षात्कार
शामिल होगा।
लिखित परीक्षा में 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी ही साक्षात्कार के लिए पात्र होंगे। इसके बाद मेरिट सूची तैयार कर अंतिम चयन किया जाएगा।
एक वर्ष का होगा कार्यकाल
बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार एआरपी का प्रारंभिक कार्यकाल एक वर्ष का होगा। यदि उनका प्रदर्शन संतोषजनक पाया जाता है तो कार्यकाल को अधिकतम तीन वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा।
यदि किसी ब्लॉक में निर्धारित पदों के सापेक्ष पर्याप्त आवेदन प्राप्त नहीं होते हैं, तो तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके एआरपी पुनः आवेदन कर सकेंगे।
कार्यों का होगा नियमित मूल्यांकन
एआरपी के कार्यों का मूल्यांकन डायट प्राचार्य और बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) द्वारा किया जाएगा। प्रदर्शन के आधार पर उनकी निरंतरता और कार्यकाल विस्तार पर निर्णय लिया जाएगा।
मिलेगा मोबिलिटी भत्ता
नई व्यवस्था के तहत—
- एआरपी को प्रतिमाह 4,500 रुपये मोबिलिटी भत्ता
- डायट मेंटर को 2,000 रुपये मोबिलिटी भत्ता
- इसके अतिरिक्त 500 रुपये टीएलएम (Teaching Learning Material) अनुदान
प्रदान किया जाएगा।
शिक्षण गुणवत्ता सुधारने की पहल
शिक्षा विभाग का मानना है कि ब्लॉक स्तर पर एआरपी की नियुक्ति से विद्यालयों तक शैक्षणिक सहयोग अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। इससे शिक्षकों को नियमित मार्गदर्शन मिलेगा और कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा।
नई चयन व्यवस्था को परिषदीय विद्यालयों में शैक्षणिक निगरानी और शिक्षण गुणवत्ता को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA




