परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में बिना शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास किए पढ़ा रहे 1.86 लाख शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी आयोजित की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 31 अगस्त 2028 तक टीईटी पास करना जरूरी है। ऐसे में अब शिक्षकों का एक हफ्ते में जिलों से ब्यौरा मांगा गया है।
विशेष सचिव, बेसिक शिक्षा अवधेश कुमार तिवारी की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत कितने शिक्षक टीईटी पास हैं और कितने शिक्षक टीईटी पास नहीं हैं, इसका ब्यौरा मांगा गया है।
इसके साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग विशेष टीईटी आयोजित कराने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए विभाग कुछ नियम-कानून भी जल्द बनाएगा।
पांच साल से अधिक सेवा वापस करनी होगी परीक्षा
परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक सितंबर 2025 को आदेश जारी कर टीईटी अनिवार्य कर दिया था। अनुग्रह इशान-ए-तालीम ट्रस्ट की याचिका पर सर्वोच्च अदालत ने 31 अगस्त 2027 तक इसे पास करने का आदेश दिया था।
ऐसे शिक्षक जिनकी सेवाएं पांच साल से अधिक हो चुकी हैं, उनके लिए इसे अनिवार्य किया गया है। इसके तहत वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त 1.86 लाख शिक्षकों की नौकरी पर तलवार लटक रही थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कुछ समय और देते हुए समय-सीमा 31 अगस्त 2028 तक बढ़ा दी।
आंदोलनरत शिक्षकों को राहत
शिक्षक यूथी से दिल्ली तक टीईटी अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शैलेंद्रनाथ शुक्ल ने कहा कि शिक्षक अध्यादेश बनाकर राहत देने की मांग कर रहे हैं।
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