लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट की ओर से कक्षा एक से आठ तक के शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के खिलाफ यूपी सरकार ने पुनरीक्षण याचिका (रिव्यू पिटीशन) दाखिल की है। शिक्षकों की चिंताओं को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने याचिका दाखिल की। इससे प्रदेश के लाखों शिक्षकों ने राहत की सांस ली है।
सीएम योगी ने मंगलवार सुबह सोशल मीडिया पर लिखा कि बेसिक शिक्षा विभाग के सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता पर सुप्रीम आदेश पर विभाग को पुनरीक्षण याचिका दाखिल करने का निर्देश दिया है। प्रदेश के शिक्षक अनुभवी हैं और समय-समय पर सरकार उन्हें प्रशिक्षण देती है। ऐसे में उनकी योग्यता और सेवा के वर्षों को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर को आदेश दिया था कि कक्षा एक से आठ तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य होगा जो ऐसा नहीं कर पाएंगे, उन्हें नौकरी छोड़नी होगी। इससे प्रदेश के लाखों शिक्षकों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं।
लगभग डेढ़ लाख शिक्षक हो रहे प्रभावित
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रदेश के लगभग डेढ़ लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, बेसिक शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठन अभी डाटा एकत्र कर रहे हैं कि प्रदेश के कितने शिक्षक बिना टीईटी के हैं।
प्रदेश में 1.32 लाख परिषदीय विद्यालय हैं, जिनमें पढ़ रहे हैं 1.49 करोड़ विद्यार्थी।
प्रदेश में शिक्षकों की संख्या 4.50 लाख है और करीब 1.43 लाख शिक्षा मित्र हैं
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