केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले महंगाई भत्ते (DA) में 3% बढ़ोतरी की गई है। बुधवार (16 अक्टूबर) को हुई कैबिनेट मीटिंग में DA बढ़ोतरी पर फैसला हुआ। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से ये दावा किया गया है। इसका आधिकारिक ऐलान 3 बजे होने की उम्मीद है।
दिवाली से पहले हुई इस बढ़ोतरी के बाद महंगाई भत्ता 50% से बढ़कर 53% हो गया है। इसका फायदा करीब 52 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 60 लाख पेंशनर्स को होगा। DA हर 6 महीने में बढ़ता है। बढ़ा हुआ DA 1 जुलाई से लागू होगा। कर्मचारियों को 3 महीने का एरियर मिलेगा।
53% हो गया कर्मचारियों का डीए
केंद्रीय कर्मचारियों को फिलहाल 50 फीसदी DA मिल रहा था और सरकारी सूत्रों के मुताबिक दिवाली से पहले ही सरकार इसमें 3 फीसदी का इजाफा करके उन्हें बड़ा तोहफा दे दिया है. डीए में ये ताजा बढ़ोतरी का लाभ 1 जुलाई 2024 से मिलेगा. मतलब केंद्रीय कर्मचारियों की दिवाली (Diwali) और भी रोशन हो गई है, क्योंकि उनकी सैलरी में बंपर इजाफा देखने को मिलेगा.
साल 2024 का ये दूसरा DA Hike
आम तौर पर केंद्र सरकार जनवरी और जुलाई में कर्मचारियों के डीए में संशोधन करती है. इससे पहले बीते 24 मार्च 2024 को केंद्रीय कर्मचारियों को 4% DA Hike का तोहफा दिया था. इस इजाफे के साथ उन्होंने मिलने वाला महंगाई भत्ता 46% से बढ़ाकर 50% कर दिया गया था. अब ताजा इजाफे के बाद ये बढ़कर 53 फीसदी हो गया है.
कर्मचारियों की सैलरी का कैलकुलेशन
अब बात करते हैं कि सरकार द्वारा महंगाई भत्ते में 3 फीसदी के इजाफे के बाद कर्मचारियों की सैलरी में कितना इजाफा होगा. तो कैलकुलेशन के मुताबिक, किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 55,200 रुपये है, तो फिलहाल 50% पर उनका महंगाई भत्ता 27,600 रुपये है. वहीं अगर डीए 53 फीसदी हो जाता है तो उनका महंगाई भत्ता बढ़कर 29,256 रुपये हो जाएगा. यानी कर्मचारियों का वेतन 29,256 रुपये – 27,600 रुपये = 1,656 रुपये बढ़ेगा.
3 महीने का एरियर भी मिलेगा
मोदी सरकार द्वारा महंगाई भत्ते में किए गए इजाफे के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों को तीन महीने का एरियर भी मिलेगा. इसके तहत कर्मचारियों को मिलने वाली अक्टूबर की सैलरी में जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने का एरियर भी जुड़कर आएगी. यानी दिवाली के मौके पर उनके हाथ में मोटी रकम आएगी.
यहां बता दें कि कर्मचारियों को मिलने वाले डीए की गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) से संबंधित होती है, जो बीते 12 महीनों में रिटेल इन्फ्लेशन को ट्रैक करता है. दुनिया के महंगाई के दबाव और बढ़ती लागतों के साथ, यह निर्णय देश भर में घरेलू बजट के मैनेजमेंट के लिए महत्वपूर्ण है.
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA



