मुजफ्फरनगर की विशेष अदालत ने एक मुस्लिम छात्र को थप्पड़ मारने के मामले में एक स्कूल शिक्षक की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत गठित एक अदालत की विशेष न्यायाधीश अलका भारती ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपी इस तरह की राहत के लिए वास्तविक आधार पेश करने में विफल रहा है.
ये भी पढ़ें – सरकारी कर्मचारियों को मिला दीवाली का जबरदस्त तोहफा… 3% बढ़ा DA, सैलरी में होगा इतना इजाफा
ये भी पढ़ें – पैनकार्ड खोने पर ऐसे बनवाये डुप्लीकेट कार्ड,,।।।
ये भी पढ़ें – शिक्षामित्र संगठन की माननीय मुख्यमंत्री जी से शिष्टाचार भेंट
इससे पहले, पीड़िता के वकील कामरान जैदी ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया था कि त्यागी के खिलाफ पहले ही आरोप पत्र दायर किया जा चुका है और अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं है. अभियोजन पक्ष ने पीड़िता के पिता इरशाद द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत की जांच के बाद त्यागी के खिलाफ धारा 323 (स्वेच्छा से नुकसान पहुंचाना) और भारतीय दंड संहिता और किशोर न्याय अधिनियम की अन्य धाराओं के तहत आरोप दायर किए थे.
अगस्त 2023 में एक वीडियो सामने आने के बाद यह घटना सामने आई थी, जिसमें त्यागी अपने छात्रों को एक युवा मुस्लिम लड़के को थप्पड़ मारने का निर्देश देते हुए और सांप्रदायिक टिप्पणी करते हुए दिखाई दे रही थीं. यह वीडियो ऑनलाइन सामने आया, जिसकी खूब निंदा हुई और सुप्रीम कोर्ट ने इसमें हस्तक्षेप किया. ■
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA



