यूपी बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा 24 फरवरी से प्रस्तावित है। परीक्षार्थियों की मदद के लिए हेल्प डेस्क को सक्रिय कर दिया गया है। परीक्षा परिणाम के दौरान भी परीक्षार्थियों को तनाव से बचाने के उपाय किए जाएंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक महेंद्र देव ने इस दिशा में यूपी बोर्ड की ओर से किए जा रहे कार्यों की समीक्षा के लिए गुरुवार को समीक्षा बैठक की।
निदेशक ने कहा है कि सभी मंडलों की मनोविज्ञानशालाओं को सक्रिय योगदान देने के लिए तैयार करें। जिन मंडलों में मनोविज्ञानशाला नहीं है, वहां के मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों की ओर से छात्रों की सहायता के लिए तत्काल हेल्प डेस्क का गठन किया जाए और उसमें योग्य एवं प्रशिक्षित लोगों की ड्यूटी लगाई जाए। विशेष कार्याधिकारी, पुस्तकालय प्रकोष्ठ को 17 व 18 जनवरी को विशेष कार्यशालाओं का आयोजन करने के निर्देश दिए। हर विषय में छात्रों के बेहतर प्रदर्शन करने के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां वेबसाइट पर अपलोड कर दी गईं हैं। सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से भी परीक्षार्थियों को तनाव प्रबंधन के तरीके बताए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश मनोविज्ञानशाला का सहयोग भी लिया जा रहा है। इस अवसर पर अपर राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा (माध्यमिक), विशेष कार्याधिकारी, पुस्तकालय प्रकोष्ठ, सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक, क्षेत्रीय सचिव, निदेशक मनोविज्ञानशाला मौजूद रहे।
अगली बैठक 20 को
निदेशक ने कहा कि अगली बैठक 20 जनवरी को होगी। उन्होंने बैठक में दिए गए निर्देशों का अनुपालन करने से संबंधित डाटा अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने छात्रों को परीक्षा के तनाव और चिंता से बचाने के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी निदेशक को दी। सचिव ने बताया कि मुख्यालय स्तर पर हेल्प डेस्क बना दी गई है।
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