लखनऊ। माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए अब माहवारी (पीरियड्स) के दौरान बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। शिक्षा विभाग ने सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) और निजी विद्यालयों में ‘माहवारी स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) कॉर्नर’ स्थापित करने के निर्देश जारी किए हैं।
ये कॉर्नर सुरक्षित, गोपनीय और सुलभ स्थानों पर बनाए जाएंगे, जहां छात्राओं को आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही विद्यालयों में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें भी लगाई जा रही हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर छात्राएं आसानी से नैपकिन प्राप्त कर सकें।
निर्देशक डॉ. महेंद्र देव ने निर्देश दिए हैं कि निर्धारित मानकों के अनुसार छात्राओं को निशुल्क सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षकों को विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करने और स्वच्छता, अवकाश की सुविधा तथा अपशिष्ट निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
एमएचएम कॉर्नर पर छात्राओं के लिए अतिरिक्त यूनिफॉर्म, डिस्पोजल बैग और अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक विद्यालय में एक महिला शिक्षक को इस व्यवस्था का प्रभारी बनाया जाएगा, जो छात्राओं की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगी।
पाठ्यक्रम में शामिल होगी लैंगिक संवेदनशीलता
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में यह भी स्पष्ट किया है कि एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में लैंगिक संवेदनशीलता से जुड़ी जानकारियों को शामिल किया जाएगा। इसमें माहवारी, किशोरावस्था और स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर विशेष जानकारी दी जाएगी। शिक्षकों को भी इस विषय पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि वे छात्राओं को बेहतर मार्गदर्शन दे सकें।
इस पहल की निगरानी राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा की जाएगी, जिससे छात्राओं को सुरक्षित और सम्मानजनक शैक्षिक वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
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