500 से ज्यादा बच्चे, 9 शिक्षक और हर हफ्ते टेस्ट; गया के इस सरकारी स्कूल ने बदल दी पढ़ाई की तस्वीर

primarymaster.in


 500 से ज्यादा बच्चे, 9 शिक्षक और हर हफ्ते टेस्ट; गया के इस सरकारी स्कूल ने बदल दी पढ़ाई की तस्वीर

गया: बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार देखा जा रहा है. इस कड़ी में गया जिले के आमस प्रखंड क्षेत्र का मध्य विद्यालय रेंगनिया एक मिसाल बन गया है. जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित इस सुदूरवर्ती गांव के स्कूल ने पिछले 13 वर्षों में 150 से अधिक बच्चों को मेघा छात्रवृत्ति, जवाहर नवोदय विद्यालय और सैनिक विद्यालय में प्रवेश दिलाने में सफलता हासिल की है.

वर्ष 2013 के बाद से इस स्कूल के छात्र हर साल विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं. वर्तमान में स्कूल में 500 से अधिक बच्चे नामांकित हैं, जो आसपास के 2-3 छोटे गांवों से भी पढ़ने आते हैं. एक समय था, जब इस स्कूल में बच्चों की संख्या 200 थी और शिक्षकों की कमी थी, लेकिन आज यह पूरे प्रखंड क्षेत्र का अव्वल स्कूल माना जाता है.

विद्यालय में है 9 शिक्षकों की नियुक्ति

फिलहाल, यहां 9 शिक्षक प्रतिनियुक्त हैं, जिनमें से अधिकांश बीपीएससी के माध्यम से आए हैं. स्कूल में यह बदलाव पिछले कई वर्षों से देखने को मिल रहा है. बच्चों की नियमित उपस्थिति, बेहतर पठन-पाठन, सुदृढ़ शिक्षा व्यवस्था और हर सप्ताह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी ने इस विद्यालय को न केवल प्रखंड बल्कि पूरे शेरघाटी अनुमंडल क्षेत्र में शीर्ष पर ला खड़ा किया है. यहां बच्चों का प्रत्येक सप्ताह टेस्ट लिया जाता है और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अलग से कराई जाती है.

मेघा छात्रवृत्ति में 34 बच्चों का हुआ चयन

विद्यालय के शिक्षक धर्मेंद्र कुमार के अनुसार, यह बदलाव वर्ष 2013 से दिखना शुरू हुआ है. हर साल 10-12 बच्चों का चयन मेघा छात्रवृत्ति में और 1-2 बच्चों का नवोदय विद्यालय जैसी प्रवेश परीक्षाओं में होता है. इसी वर्ष इस विद्यालय के 34 बच्चों का चयन मेघा छात्रवृत्ति में हुआ, जिसमें प्रभात कुमार नामक छात्र जिला टॉपर बने थे.

उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में मेहनती शिक्षकों के आने के बाद स्कूल में काफी बदलाव हुए हैं. बीपीएससी से चयनित होकर आए शिक्षक काफी पढ़े-लिखे और मेहनती हैं, यही कारण है कि इस विद्यालय में बच्चों की संख्या 500 से अधिक है. यहां समय-समय पर बच्चों का टेस्ट लिया जाता है और उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत की जाती है, जिससे बच्चे एक-दूसरे से बेहतर बनने के लिए खूब मेहनत करते हैं.

500 से ज्यादा बच्चे, 9 शिक्षक और हर हफ्ते टेस्ट; गया के इस सरकारी स्कूल ने बदल दी पढ़ाई की तस्वीर

Rating: 4.5
Diposkan Oleh:
UP UPDATEMART

Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA

Leave a Comment

WordPress Emporium Pearson Specter | Lawyer & Attorney WordPress Theme Pediatra – Pediatrician Clinic & Healthcare Elementor Template Kit Peeboo – Pet Store WooCommerce WordPress Theme Peepso Unlimited Bundles Pegasus – Showcase Portfolio WordPress Theme Peggi – Multipurpose Children WordPress Theme Peint – Painting Services Elementor Template Kit Pejwan – SEO & Digital Marketing Agency Template Kit Pekko – Minimal Dark WordPress Theme Pendulum – Beat Producers, DJs & Events Theme for WordPress