लखनऊ,।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक (समग्र शिक्षा) द्वारा प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009) के अंतर्गत बच्चों के प्रवेश, विद्यालय मैपिंग, रजिस्ट्रेशन एवं डेटा फीडिंग को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कुल 1,95,740 बच्चों का आवंटन निजी विद्यालयों में किया गया है। इन बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित कराने के साथ-साथ संबंधित सभी सूचनाएं आरटीई पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
समय सीमा तय, लापरवाही पर कार्रवाई संभव
विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों की मैपिंग, रजिस्ट्रेशन, सत्यापन एवं छात्र विवरण अपलोड करने की पूरी प्रक्रिया 30 अप्रैल 2026 तक हर हाल में पूर्ण की जाए। निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा न होने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
ऑनलाइन प्रक्रिया पर जोर
स्कूल लॉगिन के माध्यम से छात्रों का विवरण, ड्रॉपआउट, प्रमोशन, प्रवेश स्थिति आदि अपडेट करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, बीएसए लॉगिन के जरिए स्कूल मैपिंग, एडिटिंग एवं सत्यापन की प्रक्रिया भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
डेटा के आधार पर मिलेगी धनराशि
शासन ने साफ किया है कि निजी विद्यालयों को मिलने वाली शुल्क प्रतिपूर्ति एवं अन्य वित्तीय सहायता अब पूरी तरह पोर्टल पर दर्ज छात्र संख्या के आधार पर ही दी जाएगी। ऐसे में डेटा फीडिंग में किसी भी प्रकार की त्रुटि या देरी विद्यालयों के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
नियमित निगरानी के निर्देश
महानिदेशक ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस पूरी प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग करें और प्रगति की रिपोर्ट समय-समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि कोई भी पात्र बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रह जाए।
📌 महत्वपूर्ण: सभी संबंधित अधिकारी व विद्यालय समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण कर शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें।
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