दुष्कर्म में जेल गए शिक्षक को ट्रेनिंग का पत्र
शिक्षा विभाग अक्सर अपने अजब-गजब कारनामों और तुगलकी फरमानों के लिए सुर्खियों में रहता है। लेकिन इस बार विभाग ने जो ‘अद्भूत’ कारनामा कर दिखाया है, उसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। एक तरफ पुलिस प्रशासन ने नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मुख्य आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, तो दूसरी तरफ शिक्षा विभाग ने जेल में बंद उसी शिक्षक को स्पेशल ट्रेनिंग के लिए नामांकित कर दिया। डाइट डुमरांव, बक्सर में 15 सितंबर से 19 सितंबर 2026 तक चलने वाले इस ट्रेनिंग में योगदान करने को लेकर 14 सितंबर 2026 की संध्या तक समय निर्धारित किया गया है। जारी आदेश के मुताबिक समय की पाबंदी, आईडी कार्ड और तो और फॉर्मल ड्रेस कोड (पैंट, शर्ट और टाई) पहनकर आना अनिवार्य था। विडंबना देखिए कि जिस दिन विभाग शिक्षकों को टाई-शर्ट पहनकर 14 सितंबर की शाम तक डाइट डुमरांव में रिपोर्ट करने का फरमान जारी कर रहा था, उसी दौरान मुख्य आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार पुलिस की हिरासत और जेल की सलाखों के पीछे अपने कर्मों का हिसाब दे रहा था। नाबालिग छात्रा से कथित दुष्कर्म मामले में बक्सर एसपी शुभम आर्य की टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अरविंद कुमार को ब्रह्मपुर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
ई-शिक्षा कोष की व्यवस्था पर उठे सवाल यह घटना इस बात का जीता-जागता सबूत है कि शिक्षा विभाग के ई-शिक्षा कोष और धरातल के बीच कितना बड़ा तालमेल का अभाव है। एफआईआर दर्ज होने और गिरफ्तारी के बाद भी विभाग का पोर्टल शिक्षक को ”ऑन ड्यूटी” और ”ट्रेनिंग के योग्य” मान रहा है। कागजी आदेशों का यह पुलिंदा अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन चुका है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या विभाग के अधिकारी अब जेल प्रशासन को पत्र लिखकर आरोपी शिक्षक को 5 दिनों की ”ट्रेनिंग लीव” दिलवाएंगे?
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