वित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की भर्ती पूरी होने में लगे 13 साल
80 पदों का चयन परिणाम जारी
, प्रयागराज : उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को प्रधानाचार्य भर्ती का परिणाम घोषित करने में कुल 13 साल लग गए। अब इस भर्ती की प्रक्रिया को पूरा माना जा सकता है लेकिन अभ्यर्थी नतीजों को लेकर शिकायत भी दर्ज करा रहे हैं। इसके तहत प्रदेश के चार मंडलों के 80 विद्यालयों के लिए प्रधानाचार्यों का चयन किया गया है। परिणाम जारी करने के साथ ही स्कूल आवंटन भी कर दिया गया है। प्रत्येक विद्यालय के लिए दो से तीन प्रतीक्षा सूची जारी की गई है। अभ्यर्थी इन परिणामों को आयोग की वेबसाइट पर देख सकते हैं।
वित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य भर्ती का विज्ञापन 2013 में जारी हुआ था। उस समय राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग का गठन नहीं हुआ था बल्कि माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से विज्ञापन जारी किया गया। अभ्यर्थियों से आवेदन लेने के करीब नौ साल बाद 2022 में साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। इस बीच कुछ विद्यालयों के प्रबंधक व अन्य लोग विभिन्न मांगों को लेकर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर किए। जो मामले कोर्ट में विचाराधीन नहीं थे, उनको छोड़कर 2023 में चयन बोर्ड ने परिणाम जारी कर दिया। उस समय चयन बोर्ड ने प्रदेश के 18 मंडलों में से 14 के नतीजे घोषित किए। शेष चार मंडलों का मामला कोर्ट में विचाराधीन था। फैसला आने के बाद आयोग ने अब चार मंडलों प्रयागराज, वाराणसी, अलीगढ़ और देवीपाटन के विद्यालयों के लिए प्रधानाचार्य के 80 पदों का परिणाम भी जारी कर दिया।
Basic Shiksha Khabar | PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News | Primarykamaster | Updatemarts | Primary Ka Master | Basic Shiksha News | Uptet News | primarykamaster | SHIKSHAMITRA




