संशोधित उत्तरकुंजी संग प्राप्तांक भी बताए आयोग
प्रयागराज, । पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा एक दिन में कराने की मांग तो पूरी हो गई है, लेकिन आरओ/एआरओ को लेकर छात्रों का इंतजार बढ़ गया है। तरह-तरह के सवाल प्रतियोगी छात्रों के मन में उठ रहे हैं। इन सवालों के समाधान को लेकर छात्र धीरे-धीरे फिर से सक्रिय होने लगे हैं।
कुछ छात्रों ने सोशल मीडिया के जरिए तर्क दिया है कि लोक सेवा आयोग प्रारंभिक परीक्षा के बाद उत्तरकुंजी निकालता है तथा गलत/विवादित प्रश्नों पर परीक्षार्थियों से आपत्तियां मांगता है। लेकिन आयोग आपत्तियों का निस्तारण करता है अथवा कूड़े में फेंक देता है इसका कोई प्रमाण नहीं मिलता। चूंकि आयोग संशोधित उत्तरकुंजी के साथ अभ्यर्थियों को प्रारंभिक परीक्षा का प्राप्तांक भी नहीं बताता। लिहाजा संशोधित उत्तरकुंजी के साथ प्रत्येक परीक्षार्थी का अंकपत्र जारी होना चाहिए तथा प्रारंभिक परीक्षा का कटऑफ भी जारी होनी चाहिए ताकि अभ्यर्थियों को अपने प्रदर्शन के बारे में पता चल सके। लेकिन भ्रष्टाचार की संभावना बनी रहती है इसलिए किन प्रश्नों को हटाया गया या उत्तर बदल गया, इसे कभी बताया नहीं जाता। प्रारंभिक परीक्षा पास होने के बाद जब चयनित अभ्यर्थी कार्यभार ग्रहण कर लेते हैं तब लगभग दो साल होने पर प्रारंभिक परीक्षा का नंबर एवं कटऑफ परीक्षार्थियों को पता चल पाता है। ऐसी अपारदर्शी व्यवस्था में एक और मानकीकरण (नॉर्मलाइजेशन) पद्धति लागू हो जाएगी तो यह परीक्षार्थियों के लिए और घातक हो जाएगी। दो-तीन दिन में परीक्षा कराने से दो-तीन बार पेपर आउट होने का खतरा रहेगा।
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