नेशनल पीजी कॉलेज में को-कॅरिकुलर के तहत जोड़ा गया प्रश्नपत्र
लखनऊ। प्रदेश का प्रमुख लोकनाट्य नौटंकी अब स्नातक के विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम का हिस्सा भी बनेगा। नेशनल पीजी कॉलेज में स्नातक स्तर पर अंग्रेजी के विद्यार्थी अब नौटंकी के साथ ही रामलीला, नाट्य शास्त्र और रसों की व्याख्या भी पढ़ेंगे। इसके लिए अंग्रेजी विभाग में को-कॅरिकुलर का माइनर पेपर जोड़ा गया है। इसे छठे सेमेस्टर के विद्यार्थी पढ़ेंगे।
राजधानी के एकमात्र स्वायत्त महाविद्यालय नेशनल पीजी कॉलेज में हुई पिछली गवर्निंग काउंसिल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश जैन ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुसार अपनी संस्कृति, विरासत और लोक साहित्य से जोड़ने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही बहुविषय शिक्षा देकर प्रत्येक विधा में छात्रों को दक्ष बनाने की बात कही गई है। इसी क्रम में अंग्रेजी के विद्यार्थियों को हिंदी के सभी नौ रसों, रासलीला, रामलीला, नौटंकी, हिंदुस्तानी कविता की पढ़ाई कराई जाएगी।
अन्य संकाय के विद्यार्थियों को भी मिलेगा मौका
नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को संकाय में बांधने के बजाय उनकी पसंद की पढ़ाई पर जोर दिया गया है। भले ही नौटंकी और अन्य लोक साहित्य कला संकाय के तहत जोड़े गए हैं, लेकिन अन्य संकाय के विद्यार्थी भी इसकी पढ़ाई कर सकेंगे। यह पेपर कोकॉरिकुलर के रूप में जोड़ा गया है। इसलिए यह अन्य संकाय के विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए उपलब्ध रहेगा।
■ खेल और स्वास्थ्य पत्रकारिता का मिलेगा ज्ञान : महाविद्यालय में पत्रकारिता विभाग के अंतर्गत प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को अब विभिन्न क्षेत्र पर आधारित विशिष्ट पत्रकारिता भी पढ़ाई जाएगी। इसमें भी विशेषकर विद्यार्थियों को खेल और स्वास्थ्य क्षेत्र की रिपोर्टिंग करना सिखाया जाएगा। इसके लिए अलग से प्रश्नपत्र तैयार किए गए हैं, जिन्हें नए सत्र से विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा।
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