प्रयागराज :
उत्तर प्रदेश शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) समूह-ख उच्चतर के पद पर खंड शिक्षाधिकारियों (बीईओ) को पदोन्नति दिए जाने के पहले राजकीय शिक्षक संघ ने कुछ सुझाव अपर मुख्य सचिव (एसीएस) को भेजे हैं। एसीएस ने विषय पर विचार-विमर्श के लिए राजकीय शिक्षकों से सुझाव मांगे थे। सुझाव में उन्हें बताया गया है कि बीईओ के पास तीन वर्ष अध्यापन अनुभव की निर्धारित योग्यता नहीं है। इसके अलावा वेतनमान में अंतर, उनकी वरिष्ठता विवादित होने सहित कुछ और तर्क देकर उन्हें उच्चतर के पद पर पदोन्नति दिए जाने का विरोध किया गया है।
सुझाव में संघ के प्रांतीय अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद पाण्डेय व महामंत्री सत्यशंकर मिश्र ने बताया है कि बीईओ अपनी संख्या 1031 बताकर पदोन्नति कोटा बढ़ाना चाहते हैं, जबकि शैक्षिक संवर्ग (महिला/
सामान्य शिक्षा संवर्ग समूह-ख के उच्चतर पद के लिए बीईओ के पास योग्यता न होने का आरोप
पुरुष) की संख्या 24,000 है, जो कि पूरी तरह पदोन्नति की शर्तें पूरी करते हैं। इसके अलावा यह भी जानकारी दी है कि बीईओ 4800 वेतनमान से सीधे उच्चतर पद के वेतनमान 5400 पर जाना चाहते हैं, जो कि अनैतिक है, जबिक शैक्षिक संवर्ग इसके लिए पात्रता रखता है। इसके अलावा बीईओ की अद्यतन कोई सेवा नियमावली नहीं बनी है।
ज्येष्ठता व नियमावली के अभाव में पदोन्नति संभव नहीं है। इनकी वरिष्ठता भी विवादित है, जो न्यायालय में विचाराधीन है। यह भी तर्क दिया है कि बीईओ का पद बेसिक शिक्षा का है और बेसिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा दोनों अलग-अलग वर्ग हैं।
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