प्रदेश के 331 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों और 172 राजकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों और पुस्तकालय अध्यक्षों की कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम (कैस) के तहत प्रोन्नति समर्थ पोर्टल के माध्यम से होगी। प्रमुख सचिव शासन एमपी अग्रवाल ने 16 अक्तूबर को शिक्षकों की ऑनलाइन पदोन्नति के आदेश जारी करने के साथ ही राज्य विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को समयसीमा अधारित गाइडलाइन भी भेजी है।
कई बार कॉलेज प्रबंधकों और अधिकारियों की उदासीनता के कारण अर्हता पूरी करने के बावजूद सालों शिक्षकों की प्रोन्नति नहीं हो पाती थी। प्रमुख सचिव ने साफ किया है कि एक अक्तूबर 2024 के बाद प्रोन्नति की अर्हता पूरा करने वाले शिक्षकों की पदोन्नति केवल समर्थ पोर्टल के माध्यम से ही होगी। एक अक्तूबर से पहले अर्हता पूरी करने वाले शिक्षक ऑनलाइन प्रोन्नति के लिए यूजीसी रेगुलेशन 2018 के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।
यदि कोई शिक्षक यूजीसी रेगुलेशन 2010 के तहत आवेदन करता है तो प्रोन्नति ऑफलाइन होगी। प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि भविष्य में ट्रांसफर होने पर मानव संपदा या कोषागार की तरह शिक्षक के डेटा को नवीन महाविद्यालय में 15 दिन में स्थानान्तरित करना होगा।
ऑनलाइन प्रोन्नति के निर्णय से शिक्षकों में खुशी है। अब अर्हता पूरी करने के बाद उन्हें शिक्षा निदेशालय और शासन के चक्कर नहीं लगाने होंगे। प्रमोशन तीन वर्ष से रुका हुआ था। डॉ. इंदु प्रकाश सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, राजकीय महाविद्यालय वेलफेयर
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