लखनऊ, रिटायर शिक्षक गया प्रसाद त्रिपाठी राजाजीपुरम निवासी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि सात नंवबर को उनके पास एक नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को लखनऊ हेडक्वार्टर का एटीएस इंस्पेक्टर रंजीत कुमार बताया। उसने कहा कि आपका संबंध दुश्मन देश पाकिस्तान से है। दिल्ली के अफजल खान ने बताया कि आपका मोबाइल नंबर पाकिस्तान वालों के पास है। आपके खिलाफ केस दर्ज है।
तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जा सकता है। इस पर डर गया। विरोध पर उसने एक एनओसी पत्र व्हाट्सऐप पर भेजा और कहा कि मनी लांड्रिंग में आपका नाम है। बैंक अकाउंट का भी गलत प्रयोग हुआ है। आपको डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। जांच में सही पाए जाएंगे तो क्लीन चिट देकर छोड़ दिया जाएगा। किसी से कुछ शेयर किया तो ठीक नहीं होगा। आपके बैंक खातों की जांच की जाएगी। बैंक खातों की जांच के नाम पर उसने तीन खाते दिए। तीन खातों में 12.57 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद डिमांड और बढ़ती गई। फोन काटकर घरवालों को जानकारी दी तो पता चला कि साइबर ठगी हुई है। इसके बाद मुकदमा दर्ज कराया।
ढाई लाख रुपये दो खातों में फ्रीज
इंस्पेक्टर ने बताया कि गया प्रसाद त्रिपाठी के दो बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए ढाई लाख रुपये फ्रीज करा लिए गए हैं। अन्य के लिए साइबर टीमें काम कर रही हैं। रिटायर रेलवे कर्मी के पैसे किन खातों में गए हैं, उनकी जानकारी अभी नहीं आ सकी है। जालसाजों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है।
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