इटावा। शिक्षक पात्रता परीक्षा
(टीईटी) के फर्जी अंकपत्र से नौकरी पाने वाले आठ शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इनमें से एक शिक्षिका सेवाएं समाप्ति की कार्रवाई से पहले ही त्यागपत्र दे चुकी है। अब विभाग बर्खास्त शिक्षकों से वसूली समेत अन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
फर्जी अभिलेखों से आठ शिक्षक अलग-अलग परिषदीय विद्यालयों में नौकरी कर रहे थे। शिक्षकों ने 2011 में टीईटी में फेल होने पर फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हासिल की थी। विभागीय स्तर पर 2020 में हुए सत्यापन में इनके अंकपत्र फर्जी मिले
थे। सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की संस्तुति की गई थी
इस दौरान आदेश के खिलाफ शिक्षक कोर्ट चले गए थे। याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मामले में फिर से जांच के आदेश दिए थे। दोबारा जांच में भी फर्जी अंकपत्र की बात पुष्ट होने पर चार अक्तूबर को नियुक्ति निरस्त करने की कार्रवाई की गई। इन शिक्षकों में चार ताखा, दो चकरनगर, एक बसरेहर और एक भरथना विकास खंड के हैं।
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