कैलेंडर में बार-बार संशोधन से घनचक्कर बने अभ्यर्थी

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 प्रयागराज। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के वर्ष-2024 के परीक्षा कैलेंडर में बार-बार संशोधन होने के कारण अभ्यर्थी घनचक्कर बन गए हैं। खासतौर पर पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2024 अभ्यर्थियों के लिए पहेली सी बन गई है।

कैलेंडर में संशोधन से अन्य परीक्षाएं भी प्रभावित हुई हैं। परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अगर आयोग ने समय से पीसीएस-2024 की परीक्षा कराई होती तो अब तक इसका अंतिम चयन परिणाम भी घोषित हो जाता।

आयोग ने पीसीएस-2023 का चयन परिणाम प्रारंभिक परीक्षा के आयोजन से नौ माह के भीतर घोषित कर दिया था और पीसीएस-2024 के

लिए आयोग की योजना आठ माह में परिणाम घोषित करने की थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

शुरुआत में पीसीएस प्रारंभिक 2024 परीक्षा आयोग के कैलेंडर में 17 मार्च को होनी थी, लेकिन इससे पहले 11 फरवरी को हुई आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा में पेपर लीक होने से आयोग को कैलेंडर

में शामिल पीसीएस सहित पांच परीक्षाएं स्थगित करनी पड़ गई थीं।

पहली बार पीसीएस परीक्षा स्थगित होने पर इसे जून में प्रस्तावित किया गया, लेकिन समय पर परीक्षा नहीं कराई जा सकी।

इसके बाद पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 27 अक्तूबर को प्रस्तावित की गई लेकिन पर्याप्त संख्या में केंद्र उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण आयोग ने दो दिन 26 एवं 27 अक्तूबर को परीक्षा कराने के लिए प्रदेश के 51 जिलाधिकारियों से केंद्रों की सूची मांगी।

हालांकि, पिछले दिनों आयोग ने अक्तूबर में प्रस्तावित पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा को भी स्थगित कर दिया। अब यह परीक्षा दिसंबर में प्रस्तावित की गई है।

कैलेंडर में बार-बार संशोधन से घनचक्कर बने अभ्यर्थी

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