प्रदेश में भीषण गर्मी को देखते हुए परिषदीय स्कूलों में अब आउटडोर गतिविधियां आयोजित नहीं की जाएंगी। बच्चों को गर्म हवा और लू से बचाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। साथ ही, स्थानीय स्तर पर गर्मी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) स्कूलों के समय में बदलाव कर सकेंगे। बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्कूलों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
गर्मी के कारण स्कूलों के समय में बदलाव की मांग लगातार उठ रही है। इसे देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बीएसए गर्मी को ध्यान में रखकर स्कूलों के समय में परिवर्तन कर सकते हैं। एटा, आगरा, जौनपुर जैसे कुछ जिलों में बीएसए ने समय में बदलाव भी किए हैं। साथ ही, यह भी निर्देश दिया गया है कि गर्मी के कारण बच्चों की आउटडोर शारीरिक गतिविधियां आयोजित न की जाएं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों के आधार पर बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने सभी बीएसए को स्कूलों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में छाया और पेयजल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बच्चों और अभिभावकों को गर्मी से बचाव के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इसकी जानकारी भी दी जाए।
वहीं, शिक्षक नेता निर्भय सिंह ने कहा कि सभी बीएसए को आवश्यकतानुसार समय बदलने का निर्देश देने के बजाय निदेशालय द्वारा पूरे प्रदेश के स्कूलों के लिए एक समान समय निर्धारित करना बेहतर होता। ज्यादातर जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव जिलाधिकारी के निर्देश के बाद ही होता है। भीषण गर्मी के कारण बच्चे और शिक्षक काफी परेशान हैं। कई स्कूलों में बिजली और पंखों की व्यवस्था भी नहीं है।
वर्तमान में स्कूल का समय
1 अप्रैल से नए सत्र के साथ स्कूलों का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है। माध्यमिक विद्यालयों में यह समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक है। कुछ महीने पहले तक माध्यमिक विद्यालयों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक था। शिक्षक संगठन लगातार समय बदलने की मांग कर रहे हैं।
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