स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने घर-घर जाएंगे शिक्षक
स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने घर-घर जाएंगे शिक्षक, अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए करेंगे प्रेरित
लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए अब शिक्षक संकुल स्तर पर घर-घर जाकर नियमित रूप से स्कूल नहीं आने वाले बच्चों के अभिभावकों से संपर्क करेंगे। शिक्षक अभिभावकों को बच्चों को रोज स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करेंगे।
हर माह के तीसरे मंगलवार को शिक्षक संकुल (न्याय पंचायत स्तर पर गठित शिक्षकों का समूह) की बैठक होगी। इसमें बच्चों की पढ़ाई को और बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी। न्याय पंचायत स्तर की बैठक में शिक्षक अपने अच्छे शिक्षण तरीकों और नवाचारी टीएलएम (शिक्षण-अधिगम सामग्री) को साझा करेंगे।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। बैठक में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक शामिल होंगे। शिक्षक संकुल पहले से एजेंडा बांटकर बैठक की तैयारी करेंगे।
बैठक में अलग-अलग विषयों को रोचक तरीके से पढ़ाने, कक्षा में आ रही समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा होगी। शिक्षकों को दीक्षा, पीएम ई-विद्या और यू-ट्यूब के शैक्षणिक वीडियो का उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
निपुण प्लस एप से होगा विद्यार्थियों का आकलन
विद्यार्थियों का आकलन निपुण प्लस एप के माध्यम से किया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को सम्मानित भी किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य बच्चों की नियमित उपस्थिति के साथ-साथ उनकी शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार करना है।
शिक्षक संकुल को हर माह मिलेगा मानदेय
निर्देश के अनुसार प्रत्येक शिक्षक संकुल को नौ माह तक 250 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। शिक्षक संकुल की बैठकों के माध्यम से शिक्षकों के बीच बेहतर शिक्षण पद्धतियों और नवाचारों का आदान-प्रदान कराया जाएगा।
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