प्रयागराज। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत 1800 से अधिक शिक्षिकाओं के एलटी ग्रेड से प्रवक्ता पदों पर पदोन्नति फंसी हुई है। नियमानुसार पांच साल की सेवा पूरी कर चुकी शिक्षिकाओं की हर साल रिक्त पदों के सापेक्ष पदोन्नति होनी चाहिए। इससे पहले दिसंबर 2022 में दो विषयों की 59 शिक्षिकाओं की प्रवक्ता पद पर पदोन्नति की गई थी।
पदोन्नति के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक कराने के लिए पिछले साल ही अनुरोध किया गया था। 2019-20 से 2023-24 सत्र के बीच रिक्त पदों पर पदोन्नति के लिए भेजे गए प्रस्ताव पर आयोग की ओर से आपत्ति भेजी गई थी।
आयोग ने रिक्तियों के घटित होने का कारण व तिथि के विवरण के साथ ही ज्येष्ठता सूची निर्विवादित होने संबंधित प्रमाणपत्र देने को कहा था। सूची में शिक्षिकाओं का क्रमांक क्रमवार नहीं होने समेत चयन वर्षवार अधियाचित पदों के सापेक्ष दिव्यांगों के लिए आरक्षण चिह्नित नहीं होने पर भी आपत्ति हुई थी। सूत्रों के अनुसार आपत्तियों के निस्तारण में ही सालभर से अधिक बीतने के बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है।
पुरुषों की पदोन्नति वरिष्ठता विवाद में रुकी
एलटी ग्रेड पुरुष वर्ग के शिक्षकों की पदोन्नति वरिष्ठता विवाद के कारण रुकी हुई है। इससे पहले आठ विषयों की पदोन्नति हुई थी। उसके बाद शिक्षकों ने हाईकोर्ट में कई याचिकाएं कर दी। याचिकाएं विचाराधीन होने के कारण ही पुरुष वर्ग के शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है।
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