लखनऊ। यूपी बोर्ड परीक्षा शुरू होने में तीन दिन बचे हैं। उधर, इसमें लगी ड्यूटी कटवाने के लिए एडेड कॉलेजों और बेसिक के शिक्षक तरह-तरह के बहाने बना रहे हैं। कोई बीमारी का हवाला दे रहा है तो कोई घर से केंद्र की अधिक दूरी को बता रहा वजह।
खास बात है कि बीमारी को ड्यूटी न करने का कारण बताने वाले सीएमओ का प्रमाणपत्र तक नहीं दे रहे हैं। वहीं, जिला विद्यालय निरीक्षक ने ड्यूटी काटने से मना कर दिया है।
राजधानी के 127 केंद्रों पर यूपी बोर्ड की परीक्षा होगी। सभी केंद्रों पर प्रश्नपत्र पहुंच चुके हैं। कक्षनिरीक्षकों व सभी कर्मचारियों, अधिकारियों को ड्यूटी सौंपी जा चुकी है। 4500 शिक्षकों की कक्षनिरीक्षक की ड्यूटी लगी है, जबकि 1500 शिक्षकों को रिर्जव में रखा गया है। इनमें से कई शिक्षक परीक्षा की ड्यूटी नहीं करना चाहते हैं। इसे कटवाने की अभी तक 100 सिफारिशें आ चुकी हैं।
■ सीसीएल पर हूं, नहीं कर सकती ड्यूटी : काकोरी के सरकारी विद्यालय की शिक्षिका ने जुबिली कॉलेज आकर स्पष्ट कहा कि मैं अभी सीसीएल पर हूं। ऐसे में ड्यूटी
नहीं कर सकती। वहीं अधिकारियों का कहना है कि अवकाश लेने के
बाद भी परीक्षा जैसी ड्यूटी पर बुलाने का नियम है।
ड्यूटी से इन्कार का कारण भी नहीं बताया
बावा ठाकुरदास इंटर कॉलेज की शिक्षिका नीतू भागवानी ने बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी करने से इन्कार कर दिया। विभाग ने कारण पूछा तो वह भी नहीं बताया। अब परीक्षा नियमावली के तहत कार्रवाई की जाएगी।
कॉलेज बदले तो ही कर सकेंगे ड्यूटी
केस-2 जुग्गौर की शिक्षिका
राजकीय हाईस्कूल प्रियंका सिंह ने जिला विद्यालय निरीक्षक को लिखे पत्र में कहा कि उनकी ड्यूटी बाबू त्रिलोकी सिंह इंटर कॉलेज में लगी है। उनके घर से परीक्षा केंद्र की दूरी काफी अधिक है। ऐसे में कॉलेज बदला जाए तो ही ड्यूटी करेंगे।
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