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STET/CTET Special: CTET और STET की तैयारी में क्या है सबसे बड़ा अंतर? जानिए एक्सपर्ट की सलाह

शिक्षक पात्रता परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के बीच अक्सर यह प्रश्न उठता है कि CTET और STET में क्या अंतर है तथा किस प्रकार की तैयारी अधिक प्रभावी रहेगी। इस संबंध में शिक्षाविद् निर्धय सिंह ने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए हैं।

CTET और STET का पैटर्न अलग

विशेषज्ञों के अनुसार CTET का बड़ा हिस्सा बाल मनोविज्ञान (Child Development & Pedagogy) और शिक्षण कौशल पर आधारित होता है, जबकि STET में अधिकांश प्रश्न अभ्यर्थी के विषयगत ज्ञान (Subject Knowledge) पर केंद्रित होते हैं। इसलिए दोनों परीक्षाओं की तैयारी की रणनीति भी अलग होनी चाहिए।

प्राथमिक TET के अभ्यर्थी गणित पर दें विशेष ध्यान

प्राथमिक TET की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को गणित विषय पर अधिक फोकस करने की सलाह दी गई है, क्योंकि यह चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कौन-सी पुस्तकें उपयोगी?

प्राथमिक TET के लिए लूसेंट प्रकाशन की पुस्तक “शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET)” को पर्याप्त बताया गया है। इसके अतिरिक्त बाल विकास, सामान्य हिन्दी और पर्यावरण अध्ययन की पुस्तकें भी तैयारी को मजबूत बनाने में सहायक हो सकती हैं।

जूनियर STET के लिए विषयवार सलाह

  • विज्ञान वर्ग के अभ्यर्थियों को लूसेंट की सामान्य विज्ञान पुस्तक पढ़ने की सलाह दी गई है।
  • सामाजिक विज्ञान वर्ग के अभ्यर्थियों को लूसेंट की सामान्य ज्ञान पुस्तक उपयोगी बताई गई है।
  • दावा किया गया है कि इन पुस्तकों से लगभग 60 में से 45 प्रश्नों तक की तैयारी मजबूत हो सकती है।

NCF, RTE और NEP का अध्ययन भी जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि NCF 2005, RTE 2009 तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का अध्ययन अवश्य करना चाहिए, क्योंकि इन विषयों से नियमित रूप से प्रश्न पूछे जाते हैं।

प्रैक्टिस सेट से ज्यादा पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों पर फोकस

अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे केवल प्रैक्टिस सेट पर निर्भर न रहें। इसके बजाय पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करें और उनके प्रमाणिक उत्तरों का अध्ययन करें। इससे परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों की प्रकृति को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है।

निष्कर्ष

CTET और STET दोनों महत्वपूर्ण शिक्षक पात्रता परीक्षाएँ हैं, लेकिन उनकी तैयारी की दिशा अलग है। CTET में बाल मनोविज्ञान और शिक्षण विधियों पर ध्यान देना आवश्यक है, जबकि STET में विषयगत ज्ञान को मजबूत करना सफलता की कुंजी माना जाता है। सही पुस्तकों, पाठ्यक्रम की समझ और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के अभ्यास से सफलता की संभावना बढ़ाई जा सकती है।

STET = राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (State Teacher Eligibility Test)।

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