69000 शिक्षक भर्ती की मेरिट लिस्ट रद्द किए जाने और नई मेरिट लिस्ट तैयार करने के हाईकोर्ट के आदेश ने नौकरी कर रहे शिक्षकों को मुश्किल में डाल दिया है। अब उन्हें नौकरी जाने का डर सता रहा है। शिक्षकों की पीड़ा को समझते हुए तरबगंज भाजपा विधायक प्रेम नरायन पांडेय ने मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखा है और इन शिक्षकों के हितों के संरक्षित करने की मांग की है।
सीएम योगी को भेजे गए पत्र में विधायक प्रेम नरायन पांडेय ने लिखा है कि 69000 शिक्षक भर्ती मामले में उच्च न्यायालय के आदेश के उपरान्त एक ओर जहां आरक्षण की तकनीकी कमियों के कारण चयन से वंचित अभ्यर्थियों के बीच खुशी का माहौल है वही दूसरी ओर इस भर्ती प्रकिया में चयनित अभ्यर्थियों पर संकट आ चुका है। चूंकि प्रकरण में आरक्षण की जटिल व तकनीकी प्रकिया के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है जिसमें किसी भी चयनित अभ्यर्थी का कोई दोष नहीं है।
विधायक ने लिखा है कि इस शिक्षक भर्ती में कई चयनित शिक्षक ऐसे भी है जो पूर्व की नौकरी से त्याग-पत्र देकर आये है और उन्हें शिक्षक के पद पर सेवा देते हुए लगभग 4 वर्ष से अधिक का समय व्यतीत हो चुका है। शिक्षक अन्य नौकरी के लिए अपनी ऊपरी आयु सीमा भी पार कर चुके है। ऐसे में चयनित शिक्षकों के प्रतिकूल निर्णय होने की दशा में उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।
विधायक ने सरकार की संवेदनशीलता का उल्लेख करते हुए लिखा है कि इस संवेदनशील मामले में हमारी सरकार दृढ़संकल्पित है कि किसी भी चयनित अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा, ऐसी दशा में मामलें में विधि-विशेषज्ञ एवं कार्मिक विभाग की संयुक्त समिति के माध्यम से इस मामलें में ऐसा समाधान निकाला जाना चाहिए कि आरक्षित वर्ग के साथ-साथ पूर्व में चयनित/कार्यरत् सामान्य वर्ग के अध्यापक अध्यापिकाओं का अनहित न हो। उन्होने मुख्यमंत्री से उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन के साथ-साथ पूर्व में चयनित / कार्यरत् अध्यापक / अध्यापिकाओं के भविष्य को संरक्षित करने की मांग की है।
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