नई दिल्ली, । देश में बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने ऋण वसूली के लिए एआई का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। यदि कोई ग्राहक समय पर अपनी किस्त यानी ईएमआई नहीं चुकाता है तो ‘एआई एजेंट’ उसे कॉल करके या मैसेज भेजकर किस्त जमा करने के लिए कहेंगे। इस पहल का मकसद बैंकिंग खर्च कम करना और बकाया ऋण वसूलने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
जानकारी के अनुसार, जो ग्राहक ऋण का भुगतान करने में चूक जाते हैं उन्हें एक एआई-जनित अवतार से वीडियो कॉल आने की संभावना है। ये ’एआई एजेंट’ बैंक प्रतिनिधि या वकील अथवा अन्य किसी स्वरूप में हो सकते हैं। इनका एकमात्र उद्देश्य ऋण का भुगतान करवाना होगा। ये एआई अवतार कॉल के दौरान ग्राहकों को भुगतान करने के लिए प्रेरित करते हैं। बताया जा रहा है कि इन्हें विनम्र बने रहने और सीमाओं का उल्लंघन न करने के लिए प्रोग्राम किया गया है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर कानूनी भाषा का उपयोग भी कर सकते हैं। इस प्रणाली का इस्तेमाल कर रहे एक बैंक अधिकारी ने बताया है कि अधिकांश बैंक इनके जरिए एआई-जनरेटेड वीडियो कॉल और टेक्स्ट संदेश उन ग्राहकों को भेजते हैं, जो अपने ऋण का भुगतान करने से चूकते हैं।
बरतनी होगी सावधानी
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्राहकों के लिए यह नई व्यवस्था सुविधाजनक हो सकती है, लेकिन उन्हें सावधान रहना होगा। अगर किसी को वीडियो कॉल या मैसेज आता है, तो पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वह कॉल वास्तव में बैंक की ओर से हो, न कि किसी धोखाधड़ी करने वाले की। अपनी जानकारी साझा न करें।
इन बातों का रखें ध्यान
● अगर आपको ऐसी वीडियो कॉल या मैसेज आए तो ये जांचें कि कॉल बैंक द्वारा किया गया है या कोई स्कैम है
● आपकी निजी जानकारी जैसे बैंक खाता संख्या या पासवर्ड कभी भी वीडियो कॉल पर साझा न करें।
● किस्त चुकाने में देरी हो रही हो तो समय रहते बैंक से संपर्क करें ताकि समस्या न बढ़े।
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