📰 दुनिया के आधे से अधिक देशों में स्कूलों में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध, यूनेस्को की रिपोर्ट में खुलासा
प्रयागराज | सोमवार, 23 मार्च 2026
दुनियाभर में स्कूलों में मोबाइल फोन के उपयोग को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच यूनेस्को की वैश्विक शिक्षा निगरानी (GEM) टीम की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है कि अब तक 58% देशों ने स्कूलों में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगा दिया है।
📊 तेजी से बढ़ा मोबाइल बैन का दायरा
रिपोर्ट के अनुसार:
- जून 2023 में केवल 24% देशों में यह प्रतिबंध था
- 2025 की शुरुआत में यह बढ़कर 40% हुआ
- मार्च 2026 तक यह आंकड़ा 58% तक पहुंच गया
यह दर्शाता है कि दुनिया भर में बच्चों पर मोबाइल के प्रभाव को लेकर गंभीरता तेजी से बढ़ी है।
⚠️ मोबाइल फोन क्यों बन रहा चिंता का कारण?
यूनेस्को की रिपोर्ट में कई प्रमुख कारण बताए गए हैं:
- कक्षा में छात्रों का ध्यान भटकना
- ऑनलाइन उत्पीड़न (Cyberbullying) में वृद्धि
- डिजिटल मीडिया का बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव
- पढ़ाई में गिरावट
👧 लड़कियों पर ज्यादा असर
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि:
- लड़कियां, लड़कों की तुलना में दोगुना अधिक खानपान से जुड़ी समस्याओं का शिकार हो रही हैं
- 32% किशोरियों को तस्वीरें देखने के बाद अपने शरीर को लेकर असहज महसूस होता है
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बार-बार शरीर से जुड़ी सामग्री दिखाते हैं, जिससे मानसिक दबाव बढ़ता है
🌍 दुनिया के कई देशों ने उठाया कदम
बढ़ती समस्याओं को देखते हुए हाल ही में कई देशों ने भी स्कूलों में मोबाइल फोन के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लागू किया है। इसका उद्देश्य बच्चों को बेहतर शिक्षा वातावरण देना और मानसिक स्वास्थ्य को सुरक्षित रखना है।
🧠 विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि:
👉 स्कूलों में मोबाइल बैन से पढ़ाई का माहौल बेहतर होगा
👉 बच्चों का फोकस बढ़ेगा
👉 मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा
मोबाइल फोन आज की जरूरत जरूर है, लेकिन स्कूल जैसे शिक्षण संस्थानों में इसका अत्यधिक उपयोग बच्चों के विकास पर नकारात्मक असर डाल सकता है। इसलिए दुनियाभर में बढ़ता यह प्रतिबंध एक जरूरी और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
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