कवायद: 133 प्राइमरी विद्यालयों की विलय सूची पर कल निर्णय, सर्वजन हिताय संरक्षण समिति ने विरोध जताया – UpdateMarts| PRIMARY KA MASTER | SHIKSHAMITRA | Basic Shiksha News

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लखनऊ, । बीएसए कार्यालय ने 30 छात्र संख्या तक वाले 133 प्राइमरी स्कूलों के विलय की सूची तैयार की है। इनमें सबसे अधिक मलिहाबाद के 24, जोन तीन के 18, बीकेटी के 17, जोन एक-एक के 14,माल के 11 और गोसाईगंज के 10 स्कूल शामिल हैं। इनमें सिर्फ 10 छात्र संख्या वाले 12 स्कूल हैं। जबकि पूर्व में 50 छात्र संख्या वाले 445 स्कूलों की सूची तैयार की गई थी।

बीएसए राम प्रवेश ने बीईओ निर्देश दिये हैं कि मंगलवार को स्कूलों में अभिभावकों के साथ बैठक कर विलय के फायदे बताएं। बीईओ को दोपहर तीन बजे विलय सूची के साथ बीएसए कार्यालय में बुलाया गया है। बता दें कि बुधवार को डीएम विलय सूची पर अंतिम फैसला लेंगे।

विरोध शुरू, विधायकों को सीएम को सम्बोधित ज्ञापन दिए : प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों ने 133 स्कूलों के विलय की जारी सूची का विरोध शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय के नेतृत्व में शिक्षकों ने विलय का विरोध शुरू कर दिया है।

विद्यालयों के विलय को तत्काल निरस्त करने की मांग: लखनऊ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि स्कूलों के विलय के विरोध में सोमवार को जिला मंत्री बृजेश मौर्य, मो. रियाज, हरि शंकर राठौर, भीम सिंह, शरद सोनी, प्रशांत श्रीवास्तव ने बीकेटी विधायक योगेश शुक्ला और मोहनलालगंज विधायक अमरेश रावत को मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन दिया। जिसमें कहा गया है कि स्कूलों के विलय को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाए।

सर्वजन हिताय संरक्षण समिति ने विरोध जताया

सर्वजन हिताय संरक्षण समिति की महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष रीना त्रिपाठी ने प्राइमरी स्कूलों के विलय का विरोध किया है। उनका कहना है कि प्रदेश के 27 हजार प्राइमरी स्कूल विलय से प्रभावित होंगे। इन स्कूलों में करीब 10 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। इन स्कूलों के विलय से विद्यालय की दूरी बढ़ने पर बच्चों की संख्या घटेगी। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। बच्चे निजी स्कूलों में दाखिला लेंगे। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।

सर्वजन हिताय संरक्षण समिति ने विरोध जताया

सर्वजन हिताय संरक्षण समिति की महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष रीना त्रिपाठी ने प्राइमरी स्कूलों के विलय का विरोध किया है। उनका कहना है कि प्रदेश के 27 हजार प्राइमरी स्कूल विलय से प्रभावित होंगे। इन स्कूलों में करीब 10 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। इन स्कूलों के विलय से विद्यालय की दूरी बढ़ने पर बच्चों की संख्या घटेगी। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। बच्चे निजी स्कूलों में दाखिला लेंगे। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।

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