नई दिल्ली, । दिल्ली विश्वविद्यालय ने स्नातक दाखिले को आसान बनाने के लिए पहल की है। अब आवेदक एक भाषा के साथ तीन विषय या दो भाषाएं और दो विषय चुन सकते हैं। बेस्ट ऑफ फोर में वही दो भाषाएं रख सकते हैं, जो छात्र ने 12वीं में पढ़ी हो। इनमें से सर्वश्रेष्ठ स्कोर पर विचार किया जाएगा।
बीएससी (ऑनर्स) कार्यक्रमों के लिए सीयूईटी में भाषाओं में कम से कम 30% अंक की अनिवार्यता हटा दी गई है। अब इसमें उत्तीर्ण होना जरूरी है। इस वर्ष नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा प्रस्तावित विषयों की सूची में परिवर्तन ध्यान में रखते हुए डीयू ने अधिकांश कार्यक्रमों के लिए पात्रता शर्तों को संशोधित किया है। डीयू की डीन एडमिशन प्रो. हनीत गांधी ने बताया कि सीयूईटी का परिणाम आने के बाद कॉमन सीट अलोकेशन सिस्टम का दूसरा चरण शुरू होगा। गांधी ने बताया कि रेगुलर कॉलेजों में दाखिला सीयूईटी के स्कोर्स से किया जाएगा।
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