लखनऊ। प्रदेश में पीजीटी कृषि विषय भर्ती में बीएड अनिवार्य करने से अभ्यर्थी परेशान हैं। उनका कहना है कि वे बीएससी कृषि व एमएससी कृषि कुल छह साल की पढ़ाई करके आते हैं। इसके बावजूद उनके लिए बीएड अनिवार्य किया जाता है तो उन्हें दो साल और पढ़ाई करनी होगी। यह ठीक नहीं है।
अभ्यर्थियों ने सीएम को भेजा पत्र
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर कहा कि यह व्यवस्था कृषि व संबंधित विषयों के अभ्यर्थियों के लिए समान अवसर नहीं उपलब्ध कराएगी, क्योंकि वे कृषि शिक्षा के दौरान फील्ड प्रशिक्षण व व्यावहारिक शिक्षण भी लेते हैं।
उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने पीजीटी में बीएड की अनिवार्यता सभी विषयों में समान रूप से लागू नहीं किया है। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि कृषि विषय के अभ्यर्थियों को बीएड की अनिवार्यता से छूट दी जाए। कृषि पीजी को ही समकक्ष शिक्षण योग्यता के रूप में मान्यता दी जाए। ब्यूरो।
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