whatsapp पर एक बात घूम रही है कि हेड शिक्षक को अनिवार्य कराया गया है हमारे द्वारा ये वो । 😁
शिक्षक जानते तो हैं नहीं सच्चाई क्या है ?
सच ये है कि हेड शिक्षक का पद माननीय सर्वोच्च न्यायालय upheld हो चुका है जिसमे त्रिपुरारी दुबे वाले निर्णय में खंडपीठ इलाहाबाद ने व्याख्या पूर्व में ही दी थी परंतु सरकार ने माना नहीं ।
हाल ही में एक याचिका लखनऊ बेंच में गई थी जहाँ पर विभाग ने त्रिपुरारी दुबे वाले आदेश को तोड़ा मरोड़ा था कि इंचार्ज में सबको वेतन नहीं मिलेगा उसको लेकर लखनऊ बेंच ने कहा कि नहीं वेतन उन समस्त इंचार्ज को मिलेगा जो पाँच वर्ष से कार्यरत हैं इसके अलावा तीन साल का एरियर भी मिलेगा अगर लंबे समय से कार्यरत हैं ।
उसको लेकर विभाग ने 16.07.2026 को आदेश पारित भी कर दिया है कि ऐसे इंचार्ज जो लंबे समय से इंचार्ज का निर्वहन कर रहे हैं और कोर्ट गए है उन्हें तीन वर्ष का बकाया दिया जाए । हेड शिक्षक की कोई बात नहीं है अगर ऐसा होता तो सरकार हेड शिक्षकों को लेकर रायता न फैलाती और हेड पदों को बचाने के लिए मैं संघर्ष न कर रहा होता ।
पदोन्नति और हेड शिक्षकों पर रोक हेतु स्वयं स्पेशल अपील खंडपीठ इलाहाबाद में मैं पार्टी बना हूँ और हेड शिक्षकों को राहत मिले उन्हें भी साथ लेकर चल रहा हूँ ।
पदोन्नति में Writ A 523/2024 Himanshu Rana & others Vs Union of India & others पर कार्य चल रहा है (final disposal भी पिछले वर्ष से कई बार दाखिल कर दी है) बस इंतजार है स्पेशल अपील निर्णीत होने का तो अफ़वाहों से दूर रहे ।
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